INDvsWI: तेज गेंदबाजी में भुवनेश्वर के अच्छे विकल्प हो सकते हैं उमेश यादव

क्रिस श्रीकांत शिमरॉन हेटमायर और शाई होप के बीच हुई विशाल साझेदारी ने सफेद गेंद के क्रिकेट में भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी है. मैं समझ सकता हूं कि बुमराह और हार्दिक पांड्या की वापसी के साथ यह समस्या बहुत हद तक सुलझ जायेगी, लेकिन बैंच स्ट्रैंथ चिंता का विषय है. मेरे विचार में […]

क्रिस श्रीकांत

शिमरॉन हेटमायर और शाई होप के बीच हुई विशाल साझेदारी ने सफेद गेंद के क्रिकेट में भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी है. मैं समझ सकता हूं कि बुमराह और हार्दिक पांड्या की वापसी के साथ यह समस्या बहुत हद तक सुलझ जायेगी, लेकिन बैंच स्ट्रैंथ चिंता का विषय है. मेरे विचार में उमेश यादव भुवनेश्वर कुमार के बेहतर विकल्प हो सकते हैं. वेस्ट इंडीज जैसी टीम के खिलाफ हवा में गति काफी अहम है. उमेश थोड़े महंगे साबित हो सकते हैं, लेकिन वह एक या दो विकेट निकाल सकते हैं.

गेंदबाजी संयोजन पर भी नजर दौड़ाने की जरूरत है. शिवम दुबे को फिलहाल ऑलराउंडर नहीं कहा जा सकता. उन्हें पांचवें गेंदबाज के तौर पर कोहली आत्मविश्वास जीतने के लिए अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगा. कुलदीप यादव और चहल को एक साथ खिलाना भी बुरा आइडिया नहीं है. घरेलू परिस्थितियों में वे एक बल्लेबाज की जगह ले सकते हैं और मुझे लगता शिवम दुबे की जगह विशेषज्ञ बल्लेबाज को टीम में शामिल करना चाहिए. कोई भी टीम जीत की तुलना में हार से ज्यादा सीखती है और मुझे यकीन है कि कोचिंग यूनिट इन सब मुद्दों पर ध्यान देगी. फील्डिंग के स्तर में भी लगातार गिरावट हो रही है. भारत को खेल के अपने तीनों विभागों में सुधार करना होगा.

वेस्टइंडीज ने निश्चित तौर पर भारत को नींद से जगा दिया है. हेटमायर अद्भुत थे और होप ने भी शानदार प्रदर्शन किया. आतिशी बल्लेबाजों से भरी टीम में होप बेहद शांत और सहज बल्लेबाज हैं. कई बार उनका स्ट्राइक रेट कम हो सकता है, खासतौर से जब उनका साझेदार अच्छी फॉर्म में न हो. कभी डेसमंड हेंस जैसी भूमिका निभाते थे, ठीक वैसी ही भूमिका होप निभा सकते हैं. हार के बावजूद भारत अभी भी आखिरी दो वनडे जीत की दावेदार है. अभी हड़बड़ाने की कोई जरूरत नहीं है बल्कि सही टीम के साथ सकारात्मक खेलने की जरूरत है.

(टीसीएम)

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