जीत के लिए टोटके का सहारा, टीम इंडिया ने बदला होटल और ड्रेसिंग रूम

IND vs NZ: अहमदाबाद में होने वाले भारत-न्यूजीलैंड सुपर फाइनल से पहले टीम इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है. 2023 फाइनल की हार का असर खत्म करने के लिए टीम ने ड्रेसिंग रूम और होटल बदल दिया है. इन टोटकों के साथ खिलाड़ी नए माहौल में जीत की तैयारी कर रहे हैं.

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच आठ मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का फाइनल मैच खेला जाएगा. टीम इंडिया इस मैच को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है. याद रहे साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी. वह मैच भी इसी मैदान पर हुआ था. इस बार जीत में कोई कसर नहीं रह जाये, इसलिए मैदान पर पसीना बहाने के साथ-साथ भारतीय टीम कुछ टोटके भी आजमा रही है. इन टोटकों में स्टेडियम का ड्रेसिंग रूम और पुराना होटल बदलना शामिल है. इसका सीधा मकसद पुरानी खराब यादों को पीछे छोड़ना है.

ड्रेसिंग रूम में किया गया बदलाव 

वर्ष 2023 के फाइनल में मिली हार टीम के लिए एक बुरी याद है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस हार को मिटाने के लिए टीम ने ड्रेसिंग रूम बदलने का फैसला किया है. मैच के दिन भारतीय टीम उस ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी, जो हमेशा मेहमान टीम को दिया जाता है. न्यूजीलैंड टीम को होम ड्रेसिंग रूम दिया जाएगा. दरअसल, टीम इंडिया पुराने खराब रिकॉर्ड वाले माहौल से दूर रहना चाहती है.

खिलाड़ियों का होटल भी बदला गया 

फाइनल को लेकर अहमदाबाद में टीम इंडिया के ठहरने की जगह बदल दी गई है. 2023 के वर्ल्ड कप के समय भारतीय टीम जिस होटल में रुकी थी, इस बार टीम वहां नहीं रुकी है. खिलाड़ियों के लिए एक बिल्कुल नया होटल बुक किया गया है. यह भी टोटके का ही एक हिस्सा है, ताकि खिलाड़ी नए माहौल में जाकर सकारात्मक सोच के साथ फाइनल की तैयारी कर सकें.

चंद्रग्रहण के कारण देरी से शुरू हुई प्रैक्टिस 

सिर्फ होटल और ड्रेसिंग रूम ही नहीं, टीम की प्रैक्टिस पर भी टोटको का असर दिखा है. मुंबई में भारतीय टीम ने अपनी प्रैक्टिस करीब 45 मिनट की देरी से शुरू की थी. इसके पीछे की वजह चंद्रग्रहण को बताया गया था. क्रिकेट के फैंस टीम इंडिया के इन सभी फैसलों को धर्म और टोटके से जोड़ कर देख रहे हैं. दूसरी ओर टीम का मानना है कि इन सब बदलावों से मैच के लिए एक अच्छा माहौल बनेगा.

आठ मार्च को होगा खिताबी मुकाबला 

भारत और न्यूजीलैंड, दोनों ही टीमें फाइनल के लिए जमकर प्रैक्टिस कर रही हैं. बैटर अपने शॉट सुधार रहे हैं और बॉलर अपनी लाइन लेंथ को धार दे रहे हैं. यह बड़ा मुकाबला आठ मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. भारतीय टीम का बस एक ही लक्ष्य है कि इस बार हर हाल में फाइनल जीतकर ट्रॉफी उठाई जाए.

पिच में हुआ बड़ा बदलाव 

टीम इंडिया ने अपनी सबसे बड़ी कमजोरी यानी धीमी पिच के जाल को अब पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है. रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मुकाबले के लिए मिक्स मिट्टी वाली पिच तैयार की जा रही है. इस नई पिच में 70 प्रतिशत लाल मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा. लाल मिट्टी वाली यह पिच बैटिंग के लिए बहुत बढ़िया मानी जाती है. इस पिच पर गेंद बल्ले पर बहुत अच्छी तरह से आएगी. इससे भारतीय टीम के बैटर अपनी आक्रामक शैली में बल्लेबाजी कर सकेंगे और बड़े शॉट खेलना ज्यादा आसान होगा.

काली पिच पर मिली थी दो बड़ी हार 

अहमदाबाद के इसी मैदान पर भारतीय टीम ने दो बड़ी हार का सामना किया है. पहली हार 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली थी, जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत का खिताब जीतने का सपना तोड़ा था, इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मैच में भी साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया था. ये दोनों ही हार काली मिट्टी वाली धीमी पिच पर मिली थी. इसी वजह से टीम ने अब धीमी पिच की जगह मिक्स मिट्टी पर खेलने का फैसला किया है.

ये भी पढ़ें-

ये वीडियो देख के आपको मोहम्मद सिराज के लिए आंखों में आंसू ना आ जायें तो कहना

पाकिस्तानी खिलाड़ी की शर्मनाक हरकत, T20 WC के बीच महिला कर्मचारी से की छेड़छाड़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aditya kumar varshney

आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >