कैफ ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट से नाता तोड़ा,अब आंध्र से खेलेंगे

कानपुर: पिछले डेढ दशक से भी अधिक समय से उत्तर प्रदेश की क्रिकेट के अहम अंग रहे स्टार क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने अब अपने गृह राज्य को अलविदा कहकर अगले रणजी सत्र में आंध्र की तरफ से खेलने का फैसला किया है. भारत की तरफ से 13 टेस्ट और 125 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले […]

कानपुर: पिछले डेढ दशक से भी अधिक समय से उत्तर प्रदेश की क्रिकेट के अहम अंग रहे स्टार क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने अब अपने गृह राज्य को अलविदा कहकर अगले रणजी सत्र में आंध्र की तरफ से खेलने का फैसला किया है.

भारत की तरफ से 13 टेस्ट और 125 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले कैफ ने मार्च 1998 के बाद उत्तर प्रदेश का 85 रणजी मैचों में प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने अपने करियर में अब तक कुल 160 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 9277 रन बनाये है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की तरफ से अपना आखिरी रणजी मैच इस साल के शुरु में जनवरी में कर्नाटक के खिलाफ बेंगलूर में खेला था.

गजब के क्षेत्ररक्षक और शानदार बल्लेबाज कैफ आगामी एक अगस्त से आंध्र प्रदेश की रणजी टीम के कप्तान और मेंटर होंगे. इस बाबत उन्होंने आंध्र प्रदेश क्रिकेट संघ से दो वर्ष का करार किया. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले के रहने वाले कैफ जल्द ही आंध्र प्रदेश पहुंच कर उनकी टीम का हिस्सा होंगे. कैफ ने बताया कि वह चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश के युवा खिलाडियों को मौका मिले.

उन्होंने कहा, मैंने उत्तर प्रदेश की तरफ से काफी क्रिकेट खेली है. अब यहां नये खिलाडियों को मौका देना चाहिये. शुरु में शुरु में जब सुरेश रैना, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार आये थे तो उन्हें क्रिकेट की बारीकियां हम लोगों ने ही सिखाई थी अब मुझे लगता है आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के युवा खिलाडियों को क्रिकेट की बारीकियां सिखाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिये तैयार करने का समय आ गया है.

कैफ ने कहा, आंध्र प्रदेश क्रिकेट संघ के सचिव गंगा राजू और एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और एम एस के प्रसाद पिछले कुछ महीनों से मेरे संपर्क में थे. वे चाहते थे मैं उनकी रणजी क्रिकेट टीम तथा अन्य टीमों को क्रिकेट के गुर सिखाउं और अब मैंने उनकी बात मान ली है. इसी के तहत मैंने आंध्र प्रदेश क्रिकेट के साथ दो वर्ष का करार किया है. लार्ड्स में जुलाई 2002 में खेले गये नेटवेस्ट श्रृंखला के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत के नायक रहे कैफ ने कहा कि उत्तर प्रदेश से उनका नाता पहले की तरह बना रहेगा.

उन्होंने कहा, ऐसा नही है कि उत्तर प्रदेश से मेरा नाता टूट गया है मैं यहां आता रहूंगा. यहां इलाहाबाद में मेरा घर है. लेकिन अब आंध्र प्रदेश क्रिकेट संघ से दो साल का करार हो गया है इस लिये ज्यादा समय वही रहूंगा. मेरा करार एक अगस्त से शुरु हो जाएगा. वहां एक अगस्त से अभ्यास शिविर लग रहा है और मेरा वहां होना बहुत जरुरी है. कैफ उत्तर प्रदेश की रणजी टीम के साथ वर्ष 1997-98 में जुडे और वह छह साल तक उत्तर प्रदेश की रणजी टीम की कप्तानी की। उनकी अगुवाई में उत्तर प्रदेश 2008-09 में रणजी फाइनल में पहुंचा था जहां से मुंबई से हार का सामना करना पडा था.

कैफ ने कहा, मैं उत्तर प्रदेश में अपने क्रिकेट कैरियर से बहुत संतुष्ट हूं क्योंकि मैं उत्तर प्रदेश की बदौलत ही भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेल पाया. उप्र क्रिकेट संघ के सूत्रों के मुताबिक कैफ टीम में उनके जूनियर रहे पीयूष चावला और आर पी सिंह को रणजी टीम का कप्तान बनाये जाने से नाराज थे और शायद इसलिये उन्होंने यूपी क्रिकेट को अलविदा कहा.

कैफ ने कहा कि उन्होंने अपने आंध्र प्रदेश से जुडने सूचना यूपीसीए के सचिव राजीव शुक्ला को दे दी है. उन्होंने इसके साथ ही भविष्य में फिर से उत्तर प्रदेश क्रिकेट से जुड़ने के भी संकेत दिये.

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