लीस्टर (ब्रिटेन) : श्रीलंका से घरेलू सरजमीं पर श्रृंखला गंवाने से भले ही इंग्लैंड का आत्मविश्वास डगमगा गया हो लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा कि उनकी टीम पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में उन्हें कम करके आंकने की गलती नहीं करेगी. लीस्टरशर के खिलाफ कल से शुरु हो रहे तीन दिवसीय अभ्यास मैच की पूर्व संध्या पर धौनी ने कहा कि इंग्लैंड की टीम को अब भी हराना मुश्किल है.
धौनी ने इंग्लैंड पहुंचने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, आप यह देखते हो कि आपकी विरोधी टीम कितनी अच्छी है और मेरा मानना है कि इंग्लैंड अब भी काफी मजबूत टीम है. इसका मतलब है कि यह हमारे लिये काफी कड़ा मुकाबला होगा और वे यहां की परिस्थितियों को हमसे बेहतर तरह से जानते हैं.
भारतीय कप्तान से पूछा गया कि श्रीलंका से 0-1 से श्रृंखला गंवाने वाले इंग्लैंड से खेलने का यह सही समय है, उन्होंने कहा, नहीं ऐसा नहीं है. भारत इस श्रृंखला में पांच टेस्ट, पांच वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा. धौनी ने कहा, यह बहुत लंबी श्रृंखला है.
पांच टेस्ट मैच के बाद हमें पांच वनडे और एक टी20 मैच खेलना है. पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलना हमारे लिये पूरी तरह से नया है. लेकिन कुल मिलाकर मेरा मानना है कि यह वास्तव में अच्छी श्रृंखला होगी. भारत की वर्तमान 18 सदस्यीय टीम में से केवल धौनी, गौतम गंभीर और इशांत शर्मा ने ही इससे पहले इंग्लैंड में टेस्ट मैच खेले हैं. लेकिन धोनी ने कहा कि टीम के कई अन्य खिलाड़ी अलग अलग तरह की क्रिकेट इंग्लैंड में खेल चुके हैं और उस अनुभव का उन्हें फायदा मिलेगा.
धौनी ने कहा, टीम में इन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव रखने वाले खिलाडियों का होना अच्छा है लेकिन मैं पहले भी कह चुका हूं कि हमारे पास ऐसे कम खिलाड़ी हैं जिन्हें इंग्लैंड में खेलने का अनुभव है. अच्छी बात यह है कि इनमें से कई ने यहां किसी न किसी तरह की क्रिकेट खेली है. कुछ खिलाड़ी चैंपियन्स ट्रॉफी का हिस्सा थे.
अन्य खिलाड़ी यहां लीग और अंडर-19 क्रिकेट में खेल चुके हैं. उन्होंने कहा, इन सबसे मदद मिलती है लेकिन जिन खिलाडियों ने ऐसी परिस्थितियों में क्रिकेट नहीं खेली है उनके लिये परिस्थितियों से जल्द से जल्द तालमेल बिठाना महत्वपूर्ण है.
हम पहले टेस्ट मैच से 15 से 20 दिन पहले यहां पहुंच गये हैं जिससे निश्चित तौर पर मदद मिलेगी. धौनी ने इसके साथ ही कहा कि अच्छे खिलाडियों को एक श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें फार्म में वापसी का मौका मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि खिलाडियों का समर्थन करना महत्वपूर्ण है. यह मायने नहीं रखता कि वह कप्तान है या बल्लेबाज या गेंदबाज. धौनी से जब इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक के बारे में पूछा गया जिनकी खराब फार्म के कारण उनकी टीम को श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला गंवानी पड़ी, तो भारतीय कप्तान ने कहा, प्रत्येक खिलाड़ी बुरे दौर से गुजरता है और आपको सही समय पर खिलाड़ी का पक्ष लेने की जरुरत पड़ती है क्योंकि जब आप बड़ी पारियां खेलते हैं उस समय तो हर कोई आपके साथ होगा. उन्होंने कहा, मीडिया के लिये भी यह जरुरी है वह समझे कि पिछली बार जब हम यहां आये थे तब उसने कैसा प्रदर्शन किया था और उसके बारे में क्या लिखा गया था.
