अहमदाबाद : राजस्थान रायल्स के मेंटर राहुल द्रविड ने कहा कि उनकी टीम को ‘अंडरडॉग’ कहलाने में कोई ऐतराज नहीं है लेकिन उनके जुझारुपन ने उन्हें मजबूत टीम बना दिया है. पिछले सत्र में टीम को प्लेआफ तक ले जाने वाले द्रविड ने कहा कि उनकी टीम का जोर हर खिलाडी को स्पष्ट जिम्मेदारी देने और मैदान पर रणनीति पर अमल में रहा है. उन्होंने कहा ,‘‘ यदि आप कागजों पर हमारी टीम को देखें तो आप हमें अंडरडॉग कहेंगे क्योंकि हमारे पास सितारे नहीं है. लेकिन हमें इससे कोई परेशानी नहीं है. हम इसकी परवाह नहीं करते. हमें पता है कि हर टीम अच्छी है और हमें अच्छा प्रदर्शन करना होगा. हम इससे आगे की नहीं सोचते.’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे पास कई अच्छे खिलाडी हैं. हम कुछ सितारों पर निर्भर नहीं हैं. हमारे खिलाफ खेलने वालों को पता है कि हम जुझारुपन से खेलेंगे. हम भले ही हर मैच नहीं जीत सकें लेकिन हमेशा संघर्ष करेंगे और कडी चुनौती देगे. हम अपने खिलाडियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करायेंगे.’’ टीम के मेंटर के रुप में अपनी भूमिका के बारे में द्रविड ने कहा ,‘‘ अब दबाव कम है क्योंकि मैं टीम का कप्तान नहीं हूं. यह रणनीति और योजना की बात है. मैं पैडी उपटन, जुबिन भरुचा और मोंटी देसाइ के साथ काम कर रहा हूं ताकि खिलाडियों को अच्छा माहौल मिल सके.’’ उन्होंने आईपीएल की वेबसाइट से कहा ,‘‘ आखिर में प्रदर्शन करना उनका काम है. हमारा काम अच्छा माहौल बनाना है ताकि वे अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें. हम उनके लिये रणनीति बनाते हैं.’’
द्रविड ने कहा कि टी20 क्रिकेट में खिलाडियों को अपनी भूमिकाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी और रणनीति पर अमल महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा ,‘‘ भूमिकायें अहम हैं. हम हर सत्र की शुरुआत में खिलाडियों के साथ बैठते हैं और उन्हें बताते हैं कि वे इस टीम में क्यों हैं और उनकी भूमिकायें क्या होंगी. कुछ हद तक लचीलापन जरुरी है लेकिन हम उन्हें बताते हैं कि वे किस क्रम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी करेंगे.’’ द्रविड ने हालांकि कहा कि वह ऐन समय पर निर्देश देने में भरोसा नहीं करते. उन्होंने कहा ,‘‘ यदि आप ऐन मौके पर कुछ बताने की कोशिश करेंगे तो वे असमंजस में फंस सकते हैं. ऐसे में चुप रहना और उन्हें स्वतंत्रता देना जरुरी है. मैच के दिन हम ज्यादा कुछ नहीं करते.’’
