नॉर्थ साउंड : महेंद्र सिंह धौनी की कैरियर की सबसे धीमी पारी की वजह से चौथे वनडे में भारत को 11 रनों से हार का सामना करना पड़ा. अपनी धुआंधार बल्लेबाजी के लिए मशहूर धौनी ने 114 गेंदों पर 54 रन बनाये और उनका स्ट्राइक रेट 47.36 रहा. धौनी ने अपने कैरियर में अब तक […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नॉर्थ साउंड : महेंद्र सिंह धौनी की कैरियर की सबसे धीमी पारी की वजह से चौथे वनडे में भारत को 11 रनों से हार का सामना करना पड़ा. अपनी धुआंधार बल्लेबाजी के लिए मशहूर धौनी ने 114 गेंदों पर 54 रन बनाये और उनका स्ट्राइक रेट 47.36 रहा.
धौनी ने अपने कैरियर में अब तक 295 वनडे खेले हैं और यह पहला अवसर है. इधर मैच के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उस वक्त धौनी हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए ड्रेसिंग रूम के बाहर खड़े थे. आंखों में आंसू देखे गये. अंतिम के पांच ओवरों में 31 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी भारतीय टीम.
भारत को आखिरी पांच ओवरों में 31 रन चाहिए थे. धौनी और हार्दिक पांड्या क्रीज पर थे, लेकिन भारतीय टीम 49.4 ओवरों में 178 रनों पर सिमट गयी. भारत ने 35वें से 43वें ओवर के बीच नौ ओवरों में 23 रन बनाये, जिससे लक्ष्य तक पहुंचना भारी पड़ने लगा.
* गांगुली के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा
वर्ष 2001 के बाद सौरभ गांगुली ने ही 2005 में श्रीलंका के खिलाफ 105 गेंदों व 2007 में श्रीलंका के खिलाफ 104 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था.
17 वर्षों के दौरान धौनी पहले क्रिकेटर बने, जिन्होंने 114 गेंदों पर 54 रनों की पारी खेली. उनका स्ट्राइक रेट 47.36 रहा, जो गांगुली से भी खराब था.
यह पिछले लगभग 20 वर्षों में पहला अवसर है, जबकि भारत 190 या उससे कम लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा. इससे पहले 1998 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में 36 ओवरों के मैच में 172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 163 रन पर आउट हो गया था.