‘गलती मेरी थी…’, नाइटक्लब विवाद के बाद झुके बेन स्टोक्स; टीम से मांगी माफी

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलासा किया है कि नाइटक्लब विवाद के कारण एक टेस्ट मैच से बाहर रहने के बाद उन्होंने टीम में लौटते ही खिलाड़ियों से माफी मांगी. स्टोक्स ने कहा कि उनकी गलती का असर पूरी टीम पर पड़ा था और कप्तान होने के नाते इसकी जिम्मेदारी लेना जरूरी था.

Ben Stokes: इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले बताया कि टीम में वापसी के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने साथियों से माफी मांगी. स्टोक्स ने कहा कि एक कप्तान के तौर पर उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी थी और उन सभी लोगों से माफी मांगनी थी, जो इस घटना से प्रभावित हुए.

मेरी गलती का असर पूरी टीम पर पड़ा

स्टोक्स ने माना कि इस विवाद का असर सिर्फ उन पर नहीं पड़ा, बल्कि जो रूट, पूरी टीम और टीम मैनेजमेंट को भी इसका सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों ने उसी दौरान टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था, लेकिन उनके खास मौके की चर्चा कम हुई और विवाद ज्यादा सुर्खियों में रहा.

इंग्लैंड कप्तान ने कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए टेस्ट डेब्यू बेहद खास पल होता है. हालांकि, उनकी वजह से पैदा हुए विवाद ने उन खिलाड़ियों की उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया. स्टोक्स के मुताबिक, इस बात को स्वीकार करना और उसके लिए जिम्मेदारी लेना जरूरी था.

टीम मीटिंग में किया खुलकर बात

स्टोक्स ने बताया कि टीम में लौटने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बैठक की और पूरी स्थिति पर खुलकर बात की. उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और साथ ही टीम का ध्यान आगामी मैच पर केंद्रित करने की कोशिश की.

अब पूरा फोकस निर्णायक टेस्ट पर

स्टोक्स का कहना है कि पिछले मैच का नतीजा बदला नहीं जा सकता, लेकिन टीम इस सप्ताह कैसा प्रदर्शन करती है, यह उनके हाथ में है. उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अब न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट में जीत हासिल करने पर है.

जो रूट के समर्थन में उतरे स्टोक्स

स्टोक्स की गैरमौजूदगी में दूसरे टेस्ट में जो रूट ने कप्तानी की थी. हालांकि इंग्लैंड को 253 रन से हार झेलनी पड़ी और रूट को आलोचना का सामना करना पड़ा. स्टोक्स ने कहा कि अपने करीबी दोस्त को इस तरह निशाना बनते देख उन्हें काफी दुख हुआ.

सबसे ज्यादा दबाव महसूस कर रही इंग्लैंड टीम

इंग्लैंड के कप्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उनके और मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब टीम पर इतना अधिक दबाव है. हालांकि उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दबाव सामान्य बात है और अच्छे नेतृत्व की पहचान इसी से होती है कि आप ऐसे समय में कैसे प्रतिक्रिया देते हैं.

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By Ujjawal Sinha

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

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