Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा, जबकि महिला हॉकी प्रतियोगिता 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक काकामिगाहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेली जाएगी.
LA 2028 ओलंपिक के लिए भी बेहद अहम होगा टूर्नामेंट
2026 के एशियन गेम्स भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि यह टूर्नामेंट उनके लिए केवल स्वर्ण पदक जीतने का मौका नहीं, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में सीधे प्रवेश पाने का एक सुनहरा अवसर भी है. इस प्रतियोगिता में जो टीम स्वर्ण पदक जीतेगी, उसे 2028 ओलंपिक का टिकट सीधे मिल जाएगा. इसलिए, भारतीय टीम का पूरा ध्यान इस बार एशियन गेम्स में जीत हासिल करने पर है, ताकि उन्हें ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने के लिए बाद में किसी भी अन्य लंबी और कठिन क्वालीफाइंग प्रोसेस से न गुजरना पड़े.
उभरती प्रतिभाओं को मिला मौका
हॉकी इंडिया ने इस बार ऐसी टीम चुनी है जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं को भी पर्याप्त अवसर दिया गया है. हाल ही में न्यूजीलैंड में आयोजित FIH नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है. चयनकर्ताओं का मानना है कि मौजूदा टीम में अनुभव, गति और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन मौजूद है.
सविता पुनिया और बिचू देवी संभालेंगी मोर्चा
गोलकीपिंग की जिम्मेदारी अनुभवी सविता पुनिया और बिचू देवी खरीबाम संभालेंगी. हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित सविता भारतीय महिला हॉकी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके अनुभव के साथ बिचू देवी की फुर्ती टीम की बड़ी ताकत मानी जा रही है.
डिफेंस में फिर दिखा युवाओं पर भरोसा
डिफेंस में सुषिला चानू पुखरामबाम और ज्योति जैसी अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. इनके अलावा लालथांतलुआंगी और शिल्पी डबास ने FIH नेशंस कप के दौरान सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था और अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का विश्वास जीत लिया. दोनों खिलाड़ियों को एक बार फिर टीम में मौका मिला है.
मिडफील्ड की कमान कप्तान सलीमा टेटे के हाथों में
भारतीय टीम की मिडफील्ड की जिम्मेदारी कप्तान सलीमा टेटे संभालेंगी. उनके साथ अनुभवी निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा और दीपिका सोरेंग टीम को मजबूती देंगी. सलीमा अपनी तेज रफ्तार, शानदार बॉल कंट्रोल और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाती हैं। मिडफील्ड भारतीय टीम की सबसे मजबूत कड़ी मानी जा रही है.
भारतीय महिला हॉकी टीम का लक्ष्य
भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड लाइन इस समय काफी मजबूत और आक्रामक नजर आ रही है. टीम के मुख्य आक्रमण का जिम्मा लालरेमसियामी, नवनीत कौर और दीपिका संभालेंगी. इनके अलावा रुतुजा पिसाल, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग भी विपक्षी टीम के डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगी. पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम ने लगातार शानदार खेल दिखाया है और पूरी टीम यही उम्मीद कर रही है कि वे अपनी इसी बेहतरीन फॉर्म को एशियन गेम्स में भी बरकरार रखेंगी.
मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने जताया पूरा भरोसा
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने टीम की घोषणा के बाद कहा कि हाल के महीनों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन फिटनेस और शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह टीम एशियन गेम्स जैसी बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और स्वर्ण पदक जीतने की क्षमता रखती है.
एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम
| विभाग | खिलाड़ी |
| गोलकीपर | सविता पुनिया, बिचू देवी खारीबाम |
| डिफेंडर | इशिका चौधरी, सुषिला चानू पुखरामबाम, लालथांतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास |
| मिडफील्डर | निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग |
| फॉरवर्ड | लालरेमसियामी हमारजोते, रुतुजा पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग |
भारतीय महिला हॉकी का एशियन गेम्स में शानदार इतिहास
भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियन गेम्स में शानदार इतिहास रहा है. जिसमें 1982 का स्वर्ण पदक सहित कुल 7 पदक शामिल हैं (1 स्वर्ण, 2 रजत, 4 कांस्य). 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में टीम ने कांस्य पदक जीता था. अब सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम का लक्ष्य 44 साल बाद फिर से स्वर्ण पदक जीतना है, ताकि वे सीधे 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकें.
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