Abhishek Porel Bail: अभिषेक पोरेल को रेप केस में मिली जमानत, 11 अगस्त से जेल में थे क्रिकेटर

Abhishek Porel Bail: दिल्ली कैपिटल्स के अभिषेक पोरेल को रेप केस में बड़ी राहत मिली है. 37 दिन जेल में बिताने के बाद मिली जमानत के बाद अब उनके क्रिकेट करियर पर भी नजर रहेगी.

Abhishek Porel Bail: बंगाल और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को रेप और शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपों से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है. 17 सितंबर 2026 को हुगली जिला जज की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी.

अभिषेक पोरेल को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और वह करीब 37 दिनों से जेल में थे. जमानत मिलने के बाद जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इसके बाद अभिषेक पोड़ेल के जेल से बाहर आने की संभावना है.

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अभिषेक पोरेल को कैसे मिली जमानत?

अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के बाद उनकी जमानत याचिका पर चूंचुड़ा कोर्ट में सुनवाई हुई थी. शुरुआती सुनवाई में उन्हें राहत नहीं मिली और उन्हें पहले पुलिस हिरासत में भेजा गया. इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

बाद में मामला कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा. सितंबर की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में भी अभिषेक की ओर से राहत की कोशिश की गई थी, जिसके बाद मामला दोबारा हाई कोर्ट की प्रक्रिया में आया.

17 सितंबर को हुगली जिला जज की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से एक हलफनामा भी पेश किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, इसमें कहा गया कि अभिषेक को जमानत मिलने पर शिकायतकर्ता को आपत्ति नहीं है. इसके बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर दी.

मेडिकल छात्रा ने लगाए थे गंभीर आरोप

यह पूरा मामला एक मेडिकल छात्रा की शिकायत से जुड़ा है. महिला ने 23 जून को हुगली के मगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभिषेक पोड़ेल ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. शिकायतकर्ता ने निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए धमकी देने तथा उत्पीड़न के भी आरोप लगाए थे. इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.

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हालांकि, ये आरोप शिकायत और पुलिस केस में लगाए गए हैं. इन्हें अदालत द्वारा साबित किए गए तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. मामले का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.

कलकत्ता हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी का दिया था निर्देश

जुलाई 2026 में शिकायतकर्ता ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को अभिषेक पोरेल को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था.

अदालत ने कथित निजी डिजिटल सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए उनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने का निर्देश भी दिया था. इसके बाद 11 अगस्त को अभिषेक पोरेल को गिरफ्तार किया गया और उन्हें चूंचुड़ा कोर्ट में पेश किया गया. शुरुआती तौर पर अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था. बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

अगस्त में जमानत याचिका हो गई थी खारिज

14 अगस्त को चूंचुड़ा कोर्ट ने अभिषेक पोड़ेल की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. उस समय कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.

इसके बाद 31 अगस्त को अभिषेक की ओर से कलकत्ता हाई कोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. हालांकि, कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए नियमित जमानत आवेदन दाखिल करने को कहा था. सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपों को गंभीर बताया था.

अब क्या होगा?

जमानत मिलने के बाद अभिषेक पोरेल जेल से बाहर आ सकते हैं, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. जमानत का मतलब यह नहीं कि उन्हें आरोपों से क्लीन चिट मिल गई है. केस की कानूनी पारी अभी जारी रहेगी और आरोप सही हैं या नहीं, इसका आखिरी फैसला अदालत की पूरी कार्रवाई के बाद ही होगा.

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कौन हैं अभिषेक पोरेल?

अभिषेक पोरेल बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और घरेलू क्रिकेट में बंगाल टीम का हिस्सा रहे हैं.

उनकी गिरफ्तारी के बाद से क्रिकेट के साथ-साथ यह मामला भी चर्चा में रहा है. अब जमानत मिलने के बाद उनके क्रिकेट करियर और आगामी घरेलू सीजन पर भी नजर रहेगी.

Disclaimer

इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है. खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रकाशित न्यायिक कार्यवाही की जानकारी पर आधारित है. मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा.

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By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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