कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का बेहतरीन प्रदर्शन जारी है. शनिवार (1 अगस्त) को महिला 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत की जैसमीन लांबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की अनुभवी मुक्केबाज माइकेला वॉल्श को स्प्लिट डिसीजन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. यह बॉक्सिंग में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल रहा.
प्रीति पवार की गोल्डन जीत के बाद जैसमीन से भी स्वर्ण की उम्मीद थी और उन्होंने उस भरोसे को सही साबित किया. मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने पूरे मुकाबले में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया.
पहले राउंड में मिली मामूली बढ़त
मुकाबले का पहला राउंड बेहद कांटे का रहा. दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे पर लगातार सटीक पंच लगाए, लेकिन पांच में से तीन जजों ने 3-2 के अंतर से जैसमीन के पक्ष में फैसला दिया. इससे भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली.
दूसरे राउंड में किया एकतरफा प्रदर्शन
दूसरे राउंड में जैसमीन पूरी तरह हावी रहीं. उन्होंने शानदार फुटवर्क और तेज कॉम्बिनेशन पंचों के दम पर माइकेला वॉल्श को बैकफुट पर धकेल दिया. इस राउंड में सभी पांच जजों ने 5-0 से जैसमीन को विजेता माना, जिससे उन्होंने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली.
स्प्लिट डिसीजन से जीता गोल्ड
आखिरी राउंड में वॉल्श ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जैसमीन ने अपनी बढ़त कायम रखी. अंत में भारतीय मुक्केबाज ने स्प्लिट डिसीजन से मुकाबला जीतते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारत ने बॉक्सिंग में अपना दूसरा गोल्ड हासिल किया. अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें बाकी फाइनल मुकाबलों पर हैं, जहां कई अन्य भारतीय मुक्केबाज भी स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में हैं.
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