Coral Gemstone Astrology: मूंगा रत्न का संबंध मंगल ग्रह से है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि-भवन से जुड़ा ग्रह माना जाता है. ऐसे में मूंगा धारण करने से मंगल के शुभ प्रभाव प्राप्त होता है. लेकिन मूंगा हर किसी को नहीं पहनना चाहिए. कुंडली में मंगल की स्थिति और लग्न के आधार पर इसे धारण करने की सलाह दी जाती है. आइए ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा से जानते हैं कि किन लोगों को मूंगा पहनना चाहिए, इसके क्या फायदे हैं और इसे धारण करने की सही विधि क्या है.
किन लोगों को मूंगा पहनना चाहिए?
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, अगर कुंडली में मंगल राहु या शनि के साथ हो, तो मूंगा पहनना लाभदायक हो सकता है. इसके अलावा, अगर मंगल पहले, चौथे, छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो भी मूंगा पहनने से लाभ मिल सकता है. वहीं, मंगल वक्री या अस्त स्थिति में हो, तब भी कुंडली के अनुसार मूंगा धारण किया जा सकता है. इसके साथ ही, अगर चंद्रमा और मंगल एक ही भाव में हों, तो भी मूंगा पहनने की सलाह दी जा सकती है.
किन लग्न वालों के लिए मूंगा शुभ माना जाता है?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इन लग्न वालों के लिए मूंगा शुभ माना जाता है:
- मेष लग्न
- कर्क लग्न
- सिंह लग्न
- वृश्चिक लग्न
- धनु लग्न
- मकर लग्न
- मीन लग्न
मूंगा पहनने से क्या लाभ मिलते हैं?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, मूंगा पहनने से मंगल के शुभ प्रभाव बढ़ सकते हैं. इसे साहस, आत्मविश्वास, ऊर्जा और पराक्रम से जोड़कर देखा जाता है. इसके अलावा, भूमि-भवन से जुड़े विवाद, पारिवारिक सुख में कमी या जीवन में आ रही बाधाओं की स्थिति में भी कुंडली के अनुसार मूंगा पहनने से लाभ मिल सकता है.
मूंगा किस उंगली और धातु में पहनना चाहिए?
मूंगा दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनना चाहिए. इसे सोने या तांबे की धातु में धारण किया जा सकता है. मूंगा रत्न का वजन लगभग 6 रत्ती या उससे अधिक रखने की सलाह दी गई है.
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किस दिन और किस समय पहनें?
मूंगा मंगल ग्रह से जुड़ा है, इसलिए इसे मंगलवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इसे शुक्ल पक्ष के किसी भी मंगलवार को सूर्योदय के करीब एक घंटे बाद धारण किया जा सकता है.
मूंगा पहनने की विधि
मंगलवार को सुबह 10 बजे से पहले स्नान करके पूजा करें. इसके बाद मूंगा रत्न को साफ पानी से धोएं और फिर गाय के दूध से शुद्ध करें. इसके बाद रत्न को एक छोटी कटोरी में रखें और उस पर चंदन और कुमकुम लगाएं. फिर “ॐ भौमाय नमः” मंत्र का एक माला जाप करें. मंत्र जाप के बाद मूंगा रत्न को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में धारण करें.
मूंगा पहनने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी
मूंगा अपनी इच्छा से नहीं पहनना चाहिए. इसे धारण करने से पहले ज्योतिषाचार्य से सलाह जरूर लें. कुंडली की उचित जांच किए बिना मूंगा पहनने पर शुभ फल की जगह विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका होती है. इसलिए रत्न धारण करने से पहले विशेषज्ञ से कुंडली की जांच जरूर करवाएं.
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