शुक्रवार को किस देवी-देवता और ग्रह की होती है पूजा? जानें धार्मिक महत्व

Friday Worship: शुक्रवार को लोग मां लक्ष्मी की पूजा तो करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दिन केवल धन की देवी की आराधना तक सीमित नहीं है? इसका संबंध एक प्रभावशाली ग्रह और अन्य देवी की पूजा से भी माना जाता है. यदि नहीं, तो यह खबर आपके लिए है. आइए जानते हैं कि शुक्रवार के दिन किस ग्रह और देवी-देवता की पूजा करना लदायी माना जाता है.

Friday worship: सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह को समर्पित माना गया है. इसी क्रम में शुक्रवार का दिन विशेष महत्व रखता है. यह दिन मुख्य रूप से धन की देवी माँ लक्ष्मी, संतोषी माता और नवग्रहों में शामिल शुक्र ग्रह की पूजा-अर्चना के लिए उत्तम माना जाता है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार को की गई पूजा और व्रत का विशेष फल प्राप्त होता है. मान्यता है कि इनकी कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है. 

धन की देवी मां लक्ष्मी

शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है. इस दिन भक्त माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए वैभव लक्ष्मी व्रत रखते हैं. धार्मिक मान्यता है कि शुक्रवार को विधि-विधान से माँ लक्ष्मी की पूजा करने से घर की दरिद्रता दूर होती है तथा धन-धान्य और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.

संतोषी माता

शुक्रवार के दिन संतोषी माता की पूजा और व्रत का भी विशेष महत्व है. महिलाएं परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए लगातार 16 शुक्रवार तक संतोषी माता का व्रत रखती हैं. इस व्रत में माता को गुड़ और चने का भोग अर्पित किया जाता है. साथ ही व्रत रखने वाले व्यक्ति के लिए खट्टी चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है.

शुक्र ग्रह

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से है. शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, प्रेम, विलासिता, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. इस दिन शुक्र देव की आराधना करने से कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होती है और शुभ फल प्राप्त होते हैं.

शुक्रवार की पूजा का धार्मिक महत्व

आर्थिक संकट से मुक्ति

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर हो, तो उसे आर्थिक परेशानियों और धन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. शुक्रवार को माँ लक्ष्मी और शुक्र देव की पूजा करने से धन प्राप्ति के नए मार्ग खुलते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.

वैवाहिक जीवन में मधुरता

शुक्र ग्रह प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक संबंधों का कारक माना जाता है. शुक्रवार का व्रत और पूजा करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है तथा विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने की मान्यता है.

मान-सम्मान और सुख-सुविधाओं में वृद्धि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है, उसे जीवन में सुख-सुविधाएं, ऐश्वर्य और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है. ऐसे व्यक्ति का आकर्षण बढ़ता है और समाज में उसे मान-सम्मान मिलता है.

मानसिक शांति और सकारात्मकता

शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करने से मन को शांति मिलती है तथा घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और जीवन में खुशहाली बनी रहती है.

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Published by: Neha Kumari

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