11 माला का नियम छूट जाए तो क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया समाधान

Premanand Ji Maharaj: क्या आप भी माला का जाप करते हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए है. कई बार ऐसा होता है कि काम या अन्य कारणों से माला जाप बीच में छूट जाता है, जिसे लोग अशुभ मान लेते हैं. ऐसे परिस्थितियों में व्यक्ति को क्या करना चाहिए, आइए प्रेमानंद जी महाराज से जानते हैं.

Premanand Ji Maharaj: हिंदू धर्म में माला जाप का विशेष महत्व है. यह मन को भगवान से जोड़ने का एक असरदार तरीका माना जाता है. इसे ‘आध्यात्मिक अभ्यास’ या ‘धार्मिक अनुशासन’ भी कहा जाता है. माला जाप में भगवान का नाम या मंत्र बार-बार लिया जाता है, ताकि मन शांत और एकाग्र हो सके. इसमें 108 मनकों वाली माला का इस्तेमाल किया जाता है, जहां हर मनके पर एक बार नाम लिया जाता है. मुख्य रूप से 11, 21, 51 और 108 माला जाप किए जाते हैं. माना जाता है कि नाम जाप कभी बीच में नहीं छोड़ना चाहिए और संकल्प के बाद इसे हर दिन नियमित रूप से करना चाहिए.

प्रेमानंद जी महाराज से एक संत ने पूछा कि अगर कोई व्यक्ति 11 माला जाप करता हो और किसी दिन उसका नाम जाप छूट जाए, तो क्या यह अशुभ होगा.

महाराज जी का जवाब

महाराज जी ने कहा कि यह अशुभ नहीं है और इसे पाप नहीं माना जाता. लेकिन हां, यदि जाप छूट जाए तो कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है.

जाप छूटने पर क्या करें?

  • ऐसे स्थिति में व्यक्ति को दोबारा नाम जाप शुरू करना चाहिए.
  • प्रत्येक दिन माला जाप की संख्या बढ़ा देनी चाहिए, ताकि जितनी माला जाप नहीं हो पाई थी वह पूरी हो सके.
  • ऐसे में व्यक्ति को 11 माला की जगह 12 माला शुरू कर दें. 11 दिनों में 22 माला जाप पूरी हो जाएगी.
  • इसके बाद फिर से 11 माला जाप करें.
  • जितना दिन जाप छूटा है, उसके हिसाब से दुबारा जब जाप शुरू करें तो संख्या बढ़ा दें, ताकि बचा हुआ नाम जाप पूरा हो सके.

स्वस्थ और बीमार लोगों के लिए नियम

माला जाप की संख्या बढ़ाने का नियम केवल स्वस्थ लोगों पर लागू होता है. बीमार या अस्वस्थ व्यक्ति को केवल स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए. व्यक्ति जब स्वस्थ हो जाए, तब वह फिर से 11 माला से जाप शुरू कर सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Neha Kumari

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