Wedding Muhurat 2026: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने जा रही है. इसी दिन से विवाह के शुभ मुहूर्त प्रारंभ होंगे और शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी. यह शुभ समय 16 मई तक रहेगा, जिसके बाद एक माह का विराम लगेगा.
मलमास के कारण एक महीने का विराम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 मई से 15 जून तक अधिमास (मलमास) रहेगा. इस दौरान विवाह और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (16 मई) से इसकी शुरुआत होगी और 15 जून को समाप्ति होगी. इसके बाद 16 जून से सामान्य स्थिति लौटेगी और 17 जून से पुनः विवाह समारोह शुरू हो जाएंगे.
सीमित हैं विवाह के शुभ मुहूर्त
इस बार विवाह के लिए शुभ तिथियां सीमित हैं. 15 अप्रैल से 15 मई के बीच केवल 8 शुभ दिन ही उपलब्ध हैं. इनमें अप्रैल में 3 और मई में 5 दिन शामिल हैं, जिससे लोगों को पहले से योजना बनानी होगी.
विवाह के शुभ मुहूर्त की तिथियां
- अप्रैल: 15, 20, 29
- मई: 1, 4, 11, 13, 14
- जून: 17, 24, 25, 27
- जुलाई: 1, 2, 4, 15
इन तिथियों पर विवाह के लिए शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सीमित मुहूर्त होने के कारण मांग अधिक रहेगी, इसलिए समय रहते तैयारी करना जरूरी है.
