Vivah Muhurat 2026 Dates: शुक्र उदय के साथ शुरू हुआ शादी-विवाह का सीजन, फरवरी से जुलाई तक 63 मुहूर्त, दिसंबर तक मिलेंगे 81 दिन

Vivah Muhurat 2026 Dates: 1 फरवरी को शुक्र देव मकर राशि में उदय हो गए हैं और वे 12 अक्टूबर 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे. शुक्र के उदय होते ही विवाह, गृह प्रवेश सहित सभी मांगलिक और शुभ कार्य दोबारा शुरू हो गए हैं. वहीं शुक्र के अस्त रहने पर इन कार्यों को करना वर्जित माना जाता है.

Vivah Muhurat 2026 Dates: अब शहनाइयों की गूंज फिर से सुनाई देने लगी है, क्योंकि शुक्रदेव उदय हो चुके हैं. शुक्र के उदित होते ही विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त हो गया है और शादियों के लिए शुभ समय शुरू हो गया है. हालांकि 5 फरवरी 2026 से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य संस्कारों के लिए विशेष मुहूर्त मिलेंगे, जिन्हें बेहद शुभ माना जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में कुल 81 विवाह मुहूर्त हैं, जिनमें तिलक, कन्यादान, पाणिग्रहण और सप्तपदी, गृह प्रवेश जैसे प्रमुख अनुष्ठान शामिल हैं. फरवरी से जुलाई तक करीब 63 दिन विवाह योग हैं, जबकि नवंबर-दिसंबर में केवल 18 दिन मिलेंगे.

शुक्र उदय का क्या मतलब है?

ज्योतिष में जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब होने के कारण अस्त हो जाता हैं, तो उसका प्रभाव कमजोर माना जाता है. वहीं जब वही ग्रह सूर्य से दूर होकर दोबारा दिखाई देने लगता है, तो उसे उदय होना कहा जाता है. उदय अवस्था में ग्रह की शक्ति बढ़ जाती है और वह अपने स्वाभाविक फल देने लगता है.

शुक्र के अस्त होने पर क्यों वर्जित माने जाते हैं मांगलिक कार्य

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को मुख्य रूप से प्रेम, सौंदर्य, भोग-विलास, वैवाहिक सुख, ऐश्वर्य और धन-संपत्ति का कारक ग्रह माना जाता है. जिस तरह गुरु ग्रह को विवाह के लिए अनुकूल ग्रह माना जाता है. वैसे ही शुक्र को भी सुख, वैवाहिक जीवन और भोग विलास का कारक माना जाता है. शुक्र के अस्त होने पर विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और सगाई जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं.

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फरवरी से जुलाई तक 63 दिन विवाह मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि शुभ मुहूर्त शुरू हो गए है और साल भर में 81 दिनों के शुभ मुहूर्त पर विवाह की शहनाई बजेंगी. हालांकि जनवरी में बसंत पंचमी पर काफी शादियां होती हैं, लेकिन इस साल शुक्र अस्त होने के कारण नहीं हो पायी. शुक्रदेव 11 दिसंबर 2025 से अस्त हुए थे. हिन्दू शास्त्रों में शुक्रदेव को विवाह, प्रेम, सौंदर्य, दांपत्य जीवन और भौतिक सुखों का कारक माने जाते हैं, जब शुक्रदेव अस्त होते हैं, तब उनकी शुभ ऊर्जा क्षीण मान ली जाती है. इसी कारण विवाह, सगाई, उपनयन और नए दांपत्य जीवन की शुरुआत पर रोक लग जाती है. शुक्र के उदित होने के बाद 4 फरवरी से शुभ मुहूर्त शुरू होंगे. फरवरी से जुलाई तक करीब 63 दिन विवाह मुहूर्त हैं, जबकि नवंबर-दिसंबर में केवल 18 दिन है.

4 मार्च से 13 अप्रैल तक रहेगा मीन खरमास

साल 2026 का दूसरा खरमास महीना 14 मार्च से 13 अप्रैल तक होगा, इस दौरान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ लगेगा. खरमास के दौरान शादी-विवाह का आयोजन नहीं होता है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि जिस वर्ष दो ज्येष्ठ माह हो, उस वर्ष पहले ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होती है. अबकी बार ज्येष्ठ अधिक मास पड़ रहा है. 17 मई से 15 जून तक अधिक मास रहेगा, इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर के बीच चातुर्मास में भगवान श्री हरि चार माह के योग निद्रा में चले जाएंगे. भगवान विष्णु के जाग्रत नहीं होने की स्थिति में भी लग्न आदि कार्य नहीं होते है.

इस साल विवाह के मुहूर्त

फरवरी में शुभ मुहूर्त: 4, 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24 व 26

मार्च में शुभ मुहूर्त: 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12

अप्रैल में शुभ मुहूर्त: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29

मई में शुभ मुहूर्त: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14

जून में शुभ मुहूर्त: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29

जुलाई में शुभ मुहूर्त: 1, 2, 6-8, 11, 12

नवंबर में शुभ मुहूर्त: 20, 21, 24-27, 30

दिसंबर में शुभ मुहूर्त: 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581

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लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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