Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित व्रत है. कहा जाता है कि इस व्रत को करने से जीवन में सफलता मिलती है और दुख-दर्द दूर होते हैं. मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए स्वयं इस व्रत का पालन किया था. इस दिन मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-पाठ के साथ कुछ विशेष उपाय करना बेहद फलदायक होता है. यहां कुछ उपाय बताए जा रहे हैं, जिन्हें विजया एकादशी के दिन करना शुभ माना जाता है.
विजया एकादशी के दिन करें ये उपाय
सात धान्य का कलश स्थापना
विजया एकादशी पर कलश स्थापना का विशेष महत्व है. इस दिन एक वेदी बनाकर उस पर सप्तधान्य यानी सात प्रकार के अनाज रखें. उस पर जल से भरा कलश स्थापित करें और भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखकर उनकी पूजा करें. कहा जाता है कि ऐसा करने से अटके हुए कार्यों को गति मिलती है.
पीपल के वृक्ष की पूजा
पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है. एकादशी के दिन पीपल के जड़ में जल अर्पित करें और शुद्ध घी का दीपक जलाएं. इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और भाग्य का साथ मिलता है.
तुलसी अर्चन और परिक्रमा
शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते हुए 11 परिक्रमा करें. ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है. ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी को जल न चढ़ाएं और न ही पत्ते तोड़ें.
पीले फलों और अनाज का दान
भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है. जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र, केले, चने की दाल या केसरिया मिठाई का दान करें.
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- सात्विकता: इस दिन पूरी तरह सात्विक भोजन करें और चावल का त्याग करें.
- ब्रह्मचर्य: व्रत के दौरान संयम और नियमों का पालन करें.
- क्रोध का त्याग: मन को शांत रखें और किसी की बुराई न करें.
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