Vastu Tips: घर के मुख्य दरवाजे पर इन 6 पौधों और पेड़ों को कभी न लगाएं, वरना बढ़ सकती है नकारात्मक ऊर्जा

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर कुछ पौधे और पेड़ लगाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है. बड़े पेड़, कैक्टस, बॉन्साई, इमली, कपास और मिल्कवीड दरवाजे के पास नहीं रखने चाहिए. ये प्रगति, सुख-शांति और रिश्तों में बाधा डालते हैं, जिससे घर में अशांति और तनाव बढ़ता है.

Vastu Tips: घर को सजाना सिर्फ सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि यह भी ज़रूरी है कि उसमें सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली बनी रहे. भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का डिज़ाइन, फर्नीचर, खिड़कियां और खासकर पौधे भी घर की ऊर्जा को प्रभावित करते हैं. मुख्य दरवाजे के पास लगाए गए पौधे आपके परिवार की प्रगति, रिश्तों और सुख-समृद्धि पर सीधा असर डालते हैं. इसलिए दरवाजे के आस-पास पौधे लगाते समय सावधानी ज़रूरी है.

नीचे बताए गए पौधे और पेड़ मुख्य दरवाजे के पास लगाने से बचना चाहिए:

बड़े पेड़

मुख्य दरवाजे के सामने बड़े पेड़ लगाना अशुभ माना जाता है. ये घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा को रोकते हैं और दिन में छाया डालते हैं, जिसे वास्तु में ठीक नहीं माना जाता. पीपल का पेड़ शुभ होता है, लेकिन दरवाजे के ठीक सामने नहीं होना चाहिए.

कैक्टस
कैक्टस देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनके नुकीले कांटे नकारात्मक ऊर्जा खींचते हैं. ये रिश्तों में तनाव, मानसिक बेचैनी और असंतुलन का कारण बन सकते हैं.

बॉन्साई पौधे

बॉन्साई अपनी सुंदरता के लिए लोकप्रिय हैं, मगर ये अधूरे विकास और रुकावट का प्रतीक माने जाते हैं. घर में इन्हें रखना प्रगति को रोक सकता है.

इमली और कपास

इमली का पेड़ भावनात्मक परेशानियां ला सकता है, जबकि कपास के पौधे खर्च बढ़ाने और अशुभता का कारण बनते हैं.

इस पौधे से निकलने वाला दूध जैसा रस जहरीला होता है. यह तनाव और विवाद को बढ़ावा देता है और बच्चों व पालतू जानवरों के लिए भी खतरनाक है.

फल देने वाले पेड़

मुख्य दरवाजे के पास फलदार पेड़ लगाना न तो वास्तु के अनुसार अच्छा है और न ही व्यावहारिक. इनके गिरने वाले फल, फूल और पत्ते गंदगी व अशांति का माहौल पैदा करते हैं.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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