Vastu Tips: वास्तु शास्त्र भारत की प्राचीन ज्योतिषीय विद्या है. भारत में आमतौर पर लोग घर या दफ्तर बनवाते समय और सजावट करते समय वास्तु शास्त्र में बताए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं. कहा जाता है कि सही वास्तु नियमों का पालन करने से बनी जगह पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और माता लक्ष्मी की कृपा घर पर बनी रहती है.
घर में रखा हर सामान, यहां तक कि कूड़ेदान भी ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करता है. माना जाता है कि कूड़ेदान को गलत जगह या दिशा में रखने से घर की लक्ष्मी चली जाती है और नकारात्मकता फैलती है.
कूड़ेदान से संबंधित वास्तु उपाय
कूड़ेदान को इन दिशाओं में न रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का कूड़ेदान कभी भी उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए. शास्त्रों में इन दिशाओं को अत्यंत शुभ और देवी-देवताओं की दिशा माना गया है. कहा जाता है कि इन दिशाओं में कूड़ेदान रखने से घर में आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
कूड़ेदान किस दिशा में रखना चाहिए?
शास्त्रों में बताया गया है कि कूड़ेदान को हमेशा घर की पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए. माना जाता है कि कूड़ेदान को इन दिशाओं में रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और शांति बनी रहती है.
कूड़ेदान को घर के किन स्थानों पर नहीं रखना चाहिए?
कूड़ेदान को कभी भी घर के मुख्य द्वार, रसोईघर और बाथरूम के पास नहीं रखना चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे अशुभ माना गया है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
