Vaishakh Month 2026: वैशाख के महीने को “माधव मास” भी कहा जाता है. यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है. हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में यह महीना 3 अप्रैल से शुरू हो रहा है. स्कंद पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने वैशाख के महीने को सभी महीनों में सबसे श्रेष्ठ बताया है. उन्होंने इसकी तुलना दुनिया की सबसे महान चीजों से की है. जैसे युगों में ‘सतयुग’ का कोई मुकाबला नहीं, शास्त्रों में ‘वेदों’ से बढ़कर कुछ नहीं और तीर्थों में ‘गंगा नदी’ सबसे पवित्र मानी जाती है. ठीक वैसे ही, महीनों में ‘वैशाख’ के समान फल देने वाला और पवित्र कोई दूसरा महीना नहीं है.
मुख्य द्वार के पास रखें जल
वैशाख का महीना तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत होता है. वास्तु के अनुसार, इस समय घर के मुख्य दरवाजे की साफ-सफाई बहुत जरूरी होती है. महीने की शुरुआत से पहले अपने प्रवेश द्वार को अच्छी तरह साफ करें. दरवाजे के बाहर दोनों ओर तांबे या मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर रखें. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता.
ईशान कोण में रखें मिट्टी का घड़ा
वैशाख मास में जल दान का विशेष महत्व होता है. वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) जल की दिशा मानी जाती है. इस कोने को साफ रखें और वहां मिट्टी का एक नया घड़ा पानी से भरकर रखें. ध्यान रहे, घड़ा खाली न हो. इससे घर के सदस्यों के बीच शीतलता बनी रहती है और धन आगमन के मार्ग खुलते हैं.
तुलसी के पौधे की पूजा
चूंकि वैशाख भगवान विष्णु का प्रिय महीना है, इसलिए इस समय तुलसी पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. सुबह और शाम तुलसी के पौधे की पूजा करें. इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति आती है.
साफ-सफाई
वैशाख में सूर्य का तेज बढ़ जाता है, इसलिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा (अग्नि कोण) को संतुलित रखना जरूरी है. यदि इस दिशा में कबाड़ या खराब सामान रखा हो, तो उसे तुरंत हटा दें. यहां लाल रंग के फूल या तांबे का सूर्य रखने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और करियर में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.
मनी प्लांट और जल तत्व
वैशाख माह शुरू होने से पहले घर की उत्तर दिशा में कांच के बर्तन में पानी भरकर मनी प्लांट लगाएं. इसके अलावा, इस दिशा में पानी से जुड़ी तस्वीर या छोटा फाउंटेन भी लगा सकते हैं. उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है. ऐसा करने से घर में समृद्धि आती है.
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