Vaidehi Samman 2026: जानकी नवमी के पावन अवसर पर मिथिला की समृद्ध कला परंपरा को सम्मानित करते हुए ‘वैदेही सम्मान 2026’ प्रख्यात मिथिला चित्रकार पद्मश्री गंगा देवी को प्रदान किया जाएगा. यह सम्मान मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल और सीएसटीएस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘वैदेही कार्यक्रम’ के तहत दिया जाएगा. यह विशेष आयोजन 25 अप्रैल 2026 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आरंभ होगा.
कला और योगदान की पहचान
आयोजकों के अनुसार, गंगा देवी को उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, कला के प्रति समर्पण और मिथिला पेंटिंग को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके असाधारण योगदान के लिए चुना गया है. उनकी कला में पारंपरिक शैली के साथ गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत दृष्टिकोण का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है, जिसने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई.
जीवन और प्रारंभिक यात्रा
रसीदपुर गांव, मधुबनी की निवासी गंगा देवी ने बचपन से ही मिथिला पेंटिंग की साधना शुरू कर दी थी. उनकी कृतियों में लोकजीवन, धार्मिक भावनाएं और सांस्कृतिक तत्वों का जीवंत चित्रण मिलता है. उनके कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली. इसी उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1984 में ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया, साथ ही उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ.
संस्थान और भविष्य की पहल
कार्यक्रम की आयोजक डॉ सविता झा ने बताया कि ‘पद्मश्री गंगा देवी सम्मान 2026’ मधुबनी जिले के मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ को भी समर्पित किया जाएगा. इसके अलावा, अगले वर्ष से गंगा देवी के नाम पर एक विशेष फेलोशिप शुरू करने की योजना है, जिससे इस पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी.
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आयाम
यह आयोजन मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ इस प्राचीन कला शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
