रोटी बनाते समय की गई ये गलतियां बन सकती हैं मुसीबत की वजह, घर में आ सकती है दरिद्रता

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर परिवार की खुशहाली का केंद्र होता है. रोटी बनाते या परोसते समय अनजाने में की गई कुछ गलतियां वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं. जानें ये खास वास्तु टिप्स.

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है. इसलिए यहां तैयार किए जाने वाले भोजन के साथ-साथ उसे परोसने के तरीके का भी विशेष महत्व बताया गया है. अक्सर लोग अनजाने में रोटी बनाते या परोसते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो आगे चलकर वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि रोटी बनाते और परोसते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. 

गिनकर रोटियां न बनाएं

कई लोग जरूरत के हिसाब से गिनकर रोटियां बनाते हैं. वास्तु शास्त्र में भोजन को मां अन्नपूर्णा का स्वरूप माना गया है, इसलिए उसे गिनना शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि इससे राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है और घर में तनाव व अनावश्यक खर्च बढ़ने लगते हैं. 

पहली और आखिरी रोटी का रखें ध्यान

भारतीय संस्कृति में पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालने की परंपरा है. मान्यता है कि पहली रोटी गाय को खिलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और वास्तु दोष दूर होते हैं. वहीं आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने से राहु, केतु और शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं.

बासी आटे की रोटियां बनाने से बचें

कई लोगशा रात का बचा हुआ आटा फ्रिज में रखकर सुबह उसकी रोटियां बना लेते हैं. वास्तु स्त्र में ताजा आटे की रोटी बनाना शुभ माना गया है. मान्यता है कि बासी आटे का बार-बार उपयोग करने से घर में नकारात्मकता और पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है. 

रोटी सीधे हाथ में न दें

जल्दबाजी में कई लोग किसी के हाथ में सीधे रोटी थमा देते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता. रोटी हमेशा थाली, प्लेट या रोटीदान (कैसरोल) में रखकर सम्मानपूर्वक परोसनी चाहिए. इससे घर में बरकत बनी रहती है और पारिवारिक संबंध भी मधुर रहते हैं.

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By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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