Surya Dosh ke Lakshan: आत्मा, ऊर्जा और जीवन शक्ति का कारक ग्रह सूर्य है. जब जन्म कुंडली में सूर्य कमजोर या पीड़ित होते हैं, तो बार-बार बुखार आना, शरीर में कमजोरी, हृदय संबंधी समस्याएं, पेट के रोग, आंखों की परेशानी और त्वचा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके साथ ही चोट लगना, अचानक दौरे पड़ना या मानसिक अस्थिरता जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं. इसलिए सूर्य की स्थिति को समझना और समय पर उपाय करना बेहद जरूरी माना गया है.
वैदिक जप मंत्र
ॐ आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नन्मृतं मर्त्य च।
हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन् ।।
तांत्रिक मंत्र – ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।
अधि देवता- ईश्वर। प्रत्यधि देवता-अग्नि।
जप संख्या- 7 हजार।
कलियुग में जप संख्या- 28 हजार। मध्य भाग्य, वर्तुल मण्डल, अंगुल 12, कलिंग देश, कश्यप गोत्र, रक्त वर्ण। सिंह राशि का स्वामी।
वाहन- सप्ताश्व। समिधा- मदार।
कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए करें दान
माणिक्य, सोना, तांबा, गेहूं, घी, गुड़, केशर, लाल कपड़ा, लाल फूल, मूंगा लाल, गौ लाल तथा चन्दन लाल
दान का समय
रविवार को सूर्योदय काल
धारण रत्न
माणिक्य 3 या 4 रत्ती।
उपरत्न- तामड़ा या कण्टकिज धारण करें, इसके अभाव में सूर्य का यन्त्र अथवा बिल्व वृक्ष की जड़ गले या बाहु में धारण करें.
व्यवसायिक पदार्थ- राज्य प्रशासनिक कार्य, इमारती लकड़ी, सोना, रूई, अनाज
व्रत उपवास
सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए रविवार का व्रत करें
रविवार के दिन प्रातः स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दें
इसके बाद सूर्यदेव की विधि-विधान से पूजा करें
सूर्य भगवान को लाल पुष्प जरूर अर्पित करें
रविवार के दिन सूर्य सहस्रनाम का पाठ करें
यह भी पढ़ें: मेष राशि के लोग क्यों होते हैं सबसे अलग और प्रभावशाली, जानिए इनके स्वभाव की खास 15 बातें
