Study Room Vastu Tips: अगर बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, तो सबसे पहले उससे शांतिपूर्वक बात करना जरूरी है. उसे डांटने या दबाव डालने के बजाय यह जानने की कोशिश करें कि उसे पढ़ाई में कहां परेशानी हो रही है. हो सकता है विषय कठिन लग रहा हो, डर हो, ध्यान भटकता हो या कोई मानसिक तनाव हो.
सिर्फ वास्तु से नहीं, बच्चे की इच्छा जरूरी
मेरे अनुसार पढ़ाई-लिखाई में वास्तु शास्त्र का बहुत बड़ा रोल नहीं होता. असली बात यह है कि बच्चा खुद पढ़ना चाहता है या नहीं. अगर बच्चा पढ़ना नहीं चाहता, तो कोई भी उपाय कारगर नहीं होगा. हां, अगर बच्चा मेहनत करना चाहता है लेकिन बाहरी बाधाएं आ रही हैं, तब ज्योतिषीय उपाय सहायक हो सकते हैं.
इष्ट देव से प्रार्थना करें
सबसे पहले अपने इष्ट देव से बच्चे के लिए सच्चे मन से प्रार्थना करें. माता-पिता की भावना और आशीर्वाद बच्चे के लिए सबसे बड़ी शक्ति होती है.
राशि के अनुसार ग्रह और देवता की जानकारी
बच्चे की राशि के स्वामी ग्रह और देवता के बारे में जानें. जैसे सिंह राशि का स्वामी ग्रह और देव दोनों ही सूर्य हैं. उस ग्रह को प्रसन्न करने वाले छोटे-छोटे उपाय किए जा सकते हैं.
नजर दोष और ग्रहों से जुड़े उपाय
मंगलवार और शनिवार को बच्चे की नियमित नज़र उतारना लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार पढ़ाई में मेधावी होने के लिए कुंडली में सूर्य और बृहस्पति का मजबूत होना जरूरी माना जाता है. इन ग्रहों की कृपा के लिए सरल उपाय किए जा सकते हैं.
सरस्वती और गणेश की आराधना
अगर कुछ भी संभव न हो, तो बच्चे से देवी सरस्वती (विद्या की देवी) और भगवान गणेश (बुद्धि और भाग्य के देवता) की सरल पूजा या प्रार्थना करवाई जा सकती है.
मेहनत के बिना कुछ संभव नहीं
इन सभी उपायों के साथ नियमित पढ़ाई और मेहनत सबसे जरूरी है. बिना प्रयास के कोई भी उपाय काम नहीं करता. अभ्यास, अनुशासन और माता-पिता का सहयोग ही सफलता की असली कुंजी है.
