Strawberry Moon on Jyestha Purnima 2025: भारत में आज दिखेगा जून की पूर्णिमा का दुर्लभ रूप, दिखेगा गुलाबी चांद

Strawberry Moon on Jyestha Purnima 2025:11 जून की रात भारत में जून की पूर्णिमा का एक दुर्लभ और मनमोहक रूप दिखाई देगा. इसे ‘गुलाबी चांद’ या स्ट्रॉबेरी मून कहा जा रहा है. यह नजारा खासतौर पर क्षितिज के पास बड़ा, हल्का गुलाबी या नारंगी दिखाई देगा, जो बेहद आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करेगा.

Strawberry Moon on Jyestha Purnima 2025: आज 11 जून को आकाश में एक दुर्लभ और सुंदर खगोलीय घटना देखने को मिलेगी — स्ट्रॉबेरी मून. यह पूर्णिमा चांद रात को विशेष रूप से मनमोहक बनाएगी. कुछ देशों में इसे हॉट मून, रोज मून या मीड मून भी कहा जाता है. इस बार यह चंद्रमा अमेरिका के न्यूयॉर्क में सुबह 3:44 बजे (स्थानीय समयानुसार) दिखाई देगा. खास बात यह है कि यह साल का माइक्रो मून भी होगा, यानी चंद्रमा पृथ्वी से थोड़ा अधिक दूर होगा और इस कारण यह आकार में सामान्य से छोटा और हल्का धुंधला नजर आएगा.

आज नजर आएगा स्ट्रॉबेरी मून

स्ट्रॉबेरी मून सूर्यास्त के तुरंत बाद क्षितिज के पास नजर आएगा, जो वातावरणीय बिखराव के चलते पीला या नारंगी रंग का दिख सकता है. यह घटना ग्रीष्म संक्रांति से कुछ दिन पहले होती है और मौसमों के कैलेंडर के तौर पर वसंत की अंतिम या गर्मियों की पहली पूर्णिमा मानी जाती है. स्ट्रॉबेरी मून और समर सोल्सटिस (ग्रीष्म संक्रांति) का एकसाथ होना लगभग 20 वर्षों में एक बार होता है. अगली बार यह दृश्य 2043 में नजर आएगा, जबकि 2026 में स्ट्रॉबेरी मून 30 जून को दिखेगा. इसलिए इस बार का नजारा बेहद खास और यादगार होगा.

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स्ट्रॉबेरी मून कब और कहां दिखाई देगा?

टाइम एंड डेट डॉट कॉम के अनुसार, स्ट्रॉबेरी मून 11 जून को सुबह 03:44 बजे (ईस्टर्न टाइम) दिखाई देगा. यह अद्भुत नजारा अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर समेत पूर्वी हिस्सों में साफ देखा जा सकेगा. हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर इसका समय थोड़ा भिन्न हो सकता है.

इस चांद को ‘स्ट्रॉबेरी मून’ क्यों कहा जाता है?

स्ट्रॉबेरी मून का नाम इसके रंग से नहीं, बल्कि एक पारंपरिक परंपरा से जुड़ा है. नेटिव अमेरिकन जनजातियों के लिए यह समय स्ट्रॉबेरी की फसल की कटाई की शुरुआत का संकेत होता था. इसलिए इस पूर्णिमा को ‘स्ट्रॉबेरी मून’ कहा जाने लगा.

स्ट्रॉबेरी मून और मौसम का संबंध

ग्रीष्म संक्रांति से कुछ दिन पहले, 20 जून को होने वाली इस पूर्णिमा को मौसमी कैलेंडर की तरह माना जाता है. यह वसंत की आखिरी पूर्णिमा और गर्मियों की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है.

पूर्णिमा पर चांद पूरा क्यों दिखता है?

जब चंद्रमा पृथ्वी से सूर्य के ठीक विपरीत होता है, तो उसका पूरा भाग सूर्य की रोशनी से प्रकाशित होता है. यही कारण है कि पूर्णिमा की रात हमें चांद पूरी तरह चमकता हुआ दिखाई देता है. वहीं, स्ट्रॉबेरी मून खासकर क्षितिज के पास वायुमंडलीय प्रभाव के कारण पीला या हल्का नारंगी रंग का भी दिख सकता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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