Solar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा. यह ग्रहण शाम 05:31 बजे से शुरू होगा. यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में पड़ेगा, जहां पहले से ही छाया ग्रह राहु मौजूद हैं. ग्रहण के समय कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा और शुक्र तीनों ग्रह एक साथ प्रभावित रहेंगे. वैदिक ज्योतिष में सूर्य और राहु की एक ही राशि में युति से बनने वाले योग को ग्रहण योग कहा जाता है. शास्त्रों में इसे सामान्यतः शुभ नहीं माना गया है, क्योंकि यह मानसिक अशांति, निर्णय में भ्रम और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है.
कुंभ राशि में सूर्य–राहु की युति क्यों मानी जाती है अशुभ?
ज्योतिष के अनुसार कुंभ राशि कालपुरुष की 11वीं राशि है, जो लाभ, आय, नेटवर्क और इच्छाओं से जुड़ी होती है. लेकिन इस ग्रहण के समय कुछ विशेष स्थितियां बन रही हैं. कुंभ राशि में पहले से राहु विराजमान हैं. सूर्य के प्रवेश से ग्रहण योग बन रहा है. इस समय कर्क लग्न उदय हो रहा है. कर्क लग्न से कुंभ राशि अष्टम भाव बनती है. अष्टम भाव को ज्योतिष में आयु, स्वास्थ्य, अचानक घटनाएं, गुप्त रोग और मानसिक तनाव से जोड़ा जाता है. इसी कारण इस ग्रहण के प्रभाव को हल्के में लेने की सलाह नहीं दी जाती.
सूर्य–राहु ग्रहण योग 2026: ग्रहों का प्रभाव
| ग्रह का नाम | ग्रह की भूमिका | संभावित प्रभाव | आसान शब्दों में असर |
| सूर्य | हानि देने वाला | आत्मबल कमजोर, अधिकार में कमी, स्वास्थ्य प्रभावित | आत्मविश्वास घट सकता है, काम में मन नहीं लगेगा |
| राहु | मुख्य दोष कारक | भ्रम, डर, गलत फैसले, अचानक नुकसान | मन भटकेगा, गलत दिशा में फैसले हो सकते हैं |
| चंद्रमा | कमजोर ग्रह | मानसिक तनाव, मूड स्विंग, नींद की समस्या | बेचैनी, चिंता और भावनात्मक अस्थिरता |
| शुक्र | पीड़ित ग्रह | रिश्तों में तनाव, खर्च बढ़ना, सुख में कमी | प्यार और वैवाहिक जीवन में खटास |
| गुरु | रक्षक ग्रह | विवेक, सुरक्षा, सही मार्गदर्शन | मुश्किल समय में सही सोच देगा |
| शनि | संतुलन देने वाला | धैर्य, अनुशासन, स्थिरता | धीरे लेकिन सुरक्षित तरीके से बचाव |
| बुध | सहायक ग्रह | बुद्धि, संवाद, समझदारी | सोच साफ रहेगी, गलतफहमी कम होगी |
कर्क राशि पर ग्रहण योग का प्रभाव
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य और राहु की युति अष्टम भाव में बन रही है, जिसे संवेदनशील स्थिति माना जाता है. इससे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं, हार्ट से संबंधित रोगियों को विशेष सतर्कता, मानसिक तनाव या बेचैनी, पुरानी या छुपी हुई बीमारी उभर सकती है. इसके अलावा कामों में अनावश्यक देरी, ऑफिस की राजनीति से परेशानी, खर्चों में अचानक वृद्धि, वैवाहिक जीवन में तनाव, छोटी बातों पर विवाद. इस समय धैर्य, संयम और संवाद सबसे बड़ा उपाय साबित हो सकता है.
कर्क राशि वालों के लिए अतिरिक्त सावधानी क्यों जरूरी?
इस समय शनि की दृष्टि और सूर्य–राहु का गोचर मिलकर कर्क राशि के लिए दबाव बना रहा है.
कन्या राशि पर ग्रहण योग का असर
कन्या राशि के स्वामी बुध हैं, जो बुद्धि और निर्णय क्षमता के कारक माने जाते हैं. लेकिन सूर्य–राहु की युति से कन्या राशि वालों को कुछ समय के लिए विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा कानूनी या सरकारी मामलों में उलझन, स्वास्थ्य में गिरावट, विरोधियों से तनाव, जल्दबाजी में गलत फैसले ले सकते हैं.
मीन राशि पर ग्रहण योग का प्रभाव
मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण योग 12वें भाव में बन रहा है. ज्योतिष में 12वां भाव खर्च, नुकसान और मानसिक चिंता से जुड़ा होता है. इसके अलावा फिजूल खर्च बढ़ सकते हैं, बजट बिगड़ने की स्थिति, झूठे आरोप या छवि खराब होने का डर, प्रेम संबंधों में निराशा, शनि की साढ़ेसाती के कारण सेहत कमजोर होता है.
17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण और सूर्य–राहु से बनने वाला ग्रहण योग विशेष रूप से कर्क, कन्या और मीन राशि वालों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य, धन और रिश्तों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है. सही समय पर लिया गया संतुलित और सोच-समझकर किया गया निर्णय इस कठिन दौर को काफी हद तक आसान बना सकता है.
ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभव
ग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ
