Solar Eclipse 2026: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास माना जा रहा है. इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण फरवरी महीने में लग चुका है, जबकि अब खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग अगस्त में लगने वाले दूसरे सूर्य ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं. 12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास) होगा. इस दौरान कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा की छाया में आ जाएगा और दिन के समय भी अंधकार जैसा वातावरण बन सकता है. खगोल प्रेमियों के लिए यह घटना बेहद खास मानी जा रही है.
सूर्य ग्रहण का समय और खगोलीय स्थिति
पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार यह सूर्य ग्रहण सावन मास की अमावस्या तिथि पर लगेगा. भारतीय समयानुसार ग्रहण की समयावधि इस प्रकार बताई जा रही है:
इस दौरान कई देशों में सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा की छाया से ढक जाएगा, जिसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है.
किन देशों में दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण
12 अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्ध के कई देशों में देखा जा सकेगा. वैज्ञानिकों के अनुसार इसका सबसे स्पष्ट दृश्य आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड और आइसलैंड में देखने को मिलेगा.
इसके अलावा स्पेन के उत्तरी हिस्सों, पुर्तगाल के कुछ क्षेत्रों और यूरोप के कई देशों में भी यह खगोलीय घटना नजर आएगी. वहीं कनाडा, रूस के उत्तर-पूर्वी भाग और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के कुछ इलाकों में भी लोग इस अद्भुत नजारे को देख सकेंगे.
क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण
भारतीय खगोल प्रेमियों के लिए यह खबर थोड़ी निराशाजनक हो सकती है, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. उस समय भारत में रात होगी, इसलिए यहां से इस खगोलीय घटना को देख पाना संभव नहीं होगा.
