Shukra Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है. यह हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. आज माघ महीने की त्रयोदशी है और आज शुक्रवार है, इसलिए आज का व्रत शुक्र प्रदोष व्रत कहलाता है. यह व्रत सुख, सौभाग्य और तरक्की के लिए बहुत शुभ माना जाता है.
शुक्र प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त
आज पूजा करने का सबसे अच्छा समय शाम 5:59 बजे से रात 8:37 बजे तक यानि कुल 2 घंटे 38 मिनट का शुभ समय मिलेगा. इस समय भगवान शिव की पूजा करने से जल्दी फल मिलता है.
शुक्र प्रदोष व्रत में किनकी पूजा करें?
इस दिन पूजा में इन सभी का महत्व होता है—
- भगवान शिव
- माता पार्वती
- भगवान गणेश
- नंदी महाराज
- शिवगण
शुक्र प्रदोष व्रत की आसान पूजा विधि
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त (5:25 से 6:18 बजे) में स्नान करें.
- साफ कपड़े पहनें.
- हाथ में जल और फूल लेकर व्रत और शिव पूजा का संकल्प लें.
- भगवान शिव की रोज की तरह पूजा करें.
- सूर्य देव को जल अर्पित करें.
- पूरे दिन फलाहार रखें और शिव भजन करें.
शाम की पूजा
- शाम को शुभ मुहूर्त में शिव मंदिर जाएं या घर पर ही पूजा करें.
- सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं.
- फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें.
- इसके बाद फूल, अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, माला और चंदन चढ़ाएं.
- दीपक और धूप जलाएं.
- भगवान शिव को बेर, मिठाई या खीर का भोग लगाएं.
- शिव चालीसा पढ़ें और प्रदोष व्रत की कथा सुनें.
- अंत में भगवान शिव की आरती करें और गलती के लिए क्षमा मांगें.
- व्रत का समापन
- रात में जागरण करें.
- अगली सुबह स्नान करके फिर से शिव पूजा करें.
- अपनी क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र या फल का दान करें.
- इसके बाद व्रत खोलें (पारण करें).
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