Shravan Mela 2026: कल 3 अगस्त को श्रावणी मेले की पहली सोमवारी पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. लाखों कांवरियों ने बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया. श्रावणी मेले के पांचवें दिन और पहली सोमवारी के अवसर पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया. देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं ने बोल बम तथा हर-हर महादेव के जयघोष के बीच बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. मंदिर परिसर से लेकर आसपास के मार्गों तक भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली. श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने पूरे बाबाधाम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया.
रिकॉर्ड संख्या में हुआ जलाभिषेक
मंदिर प्रशासन के अनुसार सोमवार सुबह 4:15 बजे तक कुल 3,17,494 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जल अर्पित किया. इनमें 1,12,258 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा से और 2,05,236 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा से जलाभिषेक किया. पहली सोमवारी के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई. मंदिर परिसर और जलार्पण मार्गों पर दिनभर भक्तों की लंबी कतारें बनी रहीं.
10 किलोमीटर लंबी कतार बनी आकर्षण का केंद्र
पहली सोमवारी पर बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की कतार मंदिर परिसर से निकलकर नंदन पहाड़ क्षेत्र तक करीब 10 किलोमीटर लंबी पहुंच गई. रविवार देर रात से ही श्रद्धालु कतार में लगने लगे थे. सुबह तक पूरा शहर कांवरियों से भर गया. प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधन और नए फुट ओवर ब्रिज जैसी सुविधाओं से श्रद्धालुओं को कुछ राहत भी मिली.
पारंपरिक पूजा के बाद शुरू हुआ जलार्पण
सोमवार तड़के बाबा मंदिर के कपाट खुलने के बाद पारंपरिक सरदारी पूजा संपन्न की गई. इसके बाद मंदिर के महंत और पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई. धार्मिक अनुष्ठान पूरा होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू किया गया. इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का विशेष वातावरण बना रहा.
प्रशासन और पुलिस रही पूरी तरह मुस्तैद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, डीडीसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार मंदिर परिसर, कतार प्रबंधन केंद्रों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते रहे. सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष निगरानी रखी गई. प्रशासन की सक्रियता के कारण लाखों श्रद्धालुओं ने सुगमता से जलाभिषेक किया.
