Sawan 2026: इस सावन बाबा काशी विश्वनाथ अपने भक्तों को चार अलग-अलग अलौकिक और दिव्य स्वरूपों में दर्शन देंगे. 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे पावन सावन माह को लेकर शिव नगरी काशी पूरी तरह तैयार है. इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं. ऐसे में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने हर सोमवार होने वाले बाबा के विशेष श्रृंगार का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है. आइए जानते हैं, पहले सोमवार से लेकर अंतिम सोमवार तक बाबा विश्वनाथ किस-किस दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे.
सावन 2026: सोमवार की तिथियां और बाबा का अलौकिक श्रृंगार
सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा भोलेनाथ का अलग-अलग दिव्य और अलौकिक स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा:
| तारीख | अवसर | बाबा का विशेष श्रृंगार स्वरूप |
| 3 अगस्त | प्रथम सोमवार | शंकर स्वरूप श्रृंगार |
| 10 अगस्त | द्वितीय सोमवार | गौरी शंकर श्रृंगार |
| 17 अगस्त | तृतीय सोमवार | अर्धनारीश्वर श्रृंगार |
| 24 अगस्त | चतुर्थ व अंतिम सोमवार | रुद्राक्ष श्रृंगार |
सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन पर विशेष दर्शन
सोमवारों के अलावा सावन माह के समापन पर भी मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे:
- 27 अगस्त (सावन पूर्णिमा): इस दिन बाबा काशी विश्वनाथ का भव्य झूला श्रृंगार किया जाएगा.
- 28 अगस्त (रक्षाबंधन): रक्षाबंधन के पर्व पर सभी श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन की सुचारू व्यवस्था रहेगी.
श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व सुविधाओं के कड़े इंतजाम
सावन के दौरान उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने और भक्तों को सहज दर्शन कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं:
- झांकी दर्शन व बैरिकेडिंग: गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कतारबद्ध प्रवेश हेतु विशेष बैरिकेडिंग की गई है.
- गर्मी से राहत: श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से बचाने के लिए जर्मन हैंगर (छायादार शेड) लगाए गए हैं.
- स्वास्थ्य व पेयजल सुविधा: जगह-जगह शुद्ध पेयजल, ओआरएस (ORS) के काउंटर और 24x7 मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है.
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