Sawan 2020 start date: सावन में महाकालेश्वर और सोमनाथ मंदिर में श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन, जानिए किन लोगों को नहीं मिलेगी एंट्री

sawan 2020 start date: सावन मास इस बार 06 जुलाई से शुरू हो रहा है. सावन महीना इस बार थोड़ा अलग होने वाला है. इस बार सावन की शुरुआत ही सोमवार के दिन से हो रहा है और इस महीने की समाप्ति भी सोमवार के दिन हो रहा है. सावन महीने में कुल पांच सोमवार पड़ रहा है. प्रत्येक वर्ष सावन महीने में देशभर में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग में भक्तों की भारी भीड़ दर्शन और जलाभिषेक करने के लिए पहुंचती है.

sawan 2020 start date: सावन मास इस बार 06 जुलाई से शुरू हो रहा है. सावन महीना इस बार थोड़ा अलग होने वाला है. इस बार सावन की शुरुआत ही सोमवार के दिन से हो रहा है और इस महीने की समाप्ति भी सोमवार के दिन हो रहा है. सावन महीने में कुल पांच सोमवार पड़ रहा है. प्रत्येक वर्ष सावन महीने में देशभर में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग में भक्तों की भारी भीड़ दर्शन और जलाभिषेक करने के लिए पहुंचती है.

इस वर्ष कोरोना की वजह से स्थिति थोड़ी बदली हुई है. 12 में 6 ज्योतिर्लिंग में दर्शन की व्यवस्था शुरू हो गई है. जिन मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था शुरू हो गई है, उनमें उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात में स्थित नागेश्वर मंदिर, हैदराबाद में स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, खंडवा स्थित ओंकारेश्वर, बनारस में स्थित कशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग है शामिल है.

6 ज्योतिर्लिंग पर स्थिति स्पष्ट नहीं

अभी 12 ज्योतिर्लिंग में से 6 को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है कि सावन के महीने में ये बंद रहेंगे, या इन्हे भक्तजनों के लिए खोला जाएगा. 6 जुलाई से सावन महीने शुरू हो जाएंगे. वही, सावन महीने की समाप्ति 03 अगस्त है. इस वर्ष सावन महीने की पहली और अंतिम तिथि दोनों सोमवार के दिन पड़ रही है.

भक्तों को ऑनलाइन करवाना होगा रजिस्ट्रेशन मंदिर में कोरोना को देखते हुए कुछ नए नियम बनाए गए हैं, जिन्हे भक्तों को पूरी तरह पालन करना होगा. मंदिर में प्रवेश करने वाले सभी भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ मास्क पहनना अनिवार्य होगा. वहीं मंदिरों में पूजा करने के अनुमति नहीं बल्कि सिर्फ दर्शन करने की अनुमति होगी.

आपको बता दें कि इन सभी ज्योतिर्लिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, इसके बाद जिस टाइम पर दर्शन का समय दिया जाएगा तभी जाकर भक्त दर्शन कर पाएंगे. आपको बता दें कि 10 वर्ष की आयु से छोटे और 65 वर्ष से अधिक के उम्र के लोगों को मंदिर में एंट्री नहीं मिल सकेगी.

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लेखक के बारे में

Author: Radheshyam Kushwaha

Published by: Prabhat Khabar

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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