Rohini Vrat 2024: आज रखा जा रहा है रोहिणी व्रत, जानें जैन समुदाय से कैसे

Rohini Vrat 2024: जैन समुदाय के सदस्य रोहिणी व्रत को अत्यंत उत्साह के साथ मनाते हैं. यह व्रत 17 नवंबर 2024 को कार्तिक मास में आयोजित किया जाएगा। यह व्रत हर महीने आता है.

Rohini Vrat 2024:  जैन समुदाय के सदस्य रोहिणी व्रत को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. यह व्रत आज 17 नवंबर 2024 को आयोजित किया जा रहा है. यह व्रत हर महीने आता है और इसे पुरुषों तथा महिलाओं दोनों द्वारा किया जाता है. यह मान्यता है कि महिलाओं के लिए रोहिणी व्रत का पालन करना अनिवार्य है. रोहिणी व्रत का आयोजन रोहिणी नक्षत्र के दिन किया जाता है.

रोहिणी व्रत की अहमियत

रोहिणी व्रत को इस नाम से इसलिए जाना जाता है क्योंकि यह व्रत रोहिणी नक्षत्र के दिन आयोजित किया जाता है. यह व्रत विशेष रूप से रोहिणी और मार्गशीर्ष नक्षत्र के समय किया जाता है. रोहिणी व्रत करने से यह मान्यता है कि व्रती को कर्म बंधनों से छुटकारा मिलता है. यह व्रत विशेष लाभ प्रदान करता है. रोहिणी व्रत आत्मा के दोषों को समाप्त करने में सहायक होता है.

रोहिणी व्रत का शुभ मुहूर्त

कार्तिक मास में रोहिणी व्रत को आज 17 नवंबर 2024, रविवार को रखा जा रहा है

रोहिणी व्रत प्रारंभ: 17 नवंबर 2024, सुबह 09:07 बजे
रोहिणी व्रत समाप्ति: 17 नवंबर 2024, सुबह 06:57 बजे

रोहिणी व्रत विधि

रोहिणी व्रत की पूजा विधि में सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की सफाई करना आवश्यक है. इसके बाद दैनिक कार्यों को पूरा करके गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए. फिर व्रत का संकल्प लें और भगवान सूर्य को जल अर्पित करें. व्रत करने वाले को सूर्यास्त से पहले फलाहार करना चाहिए, क्योंकि रोहिणी व्रत में सूर्यास्त का विशेष महत्व है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >