Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पावन पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं. लेकिन राखी बांधते समय कितनी गांठ लगानी चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोगों में असमंजस रहता है. कुछ लोग एक गांठ लगाते हैं, तो कई लोग तीन गांठ को शुभ मानते हैं. आखिर राखी में तीन गांठ लगाने की मान्यता क्यों है? क्या तीन से कम या ज्यादा गांठ लगाने से कोई फर्क पड़ता है? आइए जानते हैं राखी की गांठ से जुड़ी धार्मिक मान्यता.
राखी में कितनी गांठ लगाना शुभ माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई की कलाई पर राखी बांधते समय तीन गांठ लगाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि तीन गांठ भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और सुरक्षा की भावना का प्रतीक हैं. हालांकि, अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में राखी बांधने की परंपरा अलग हो सकती है.
यह भी पढ़ें: रक्षा बंधन शुभ मुहूर्त: बिहार-झारखंड के लिए जानें
तीन गांठ लगाने की क्या है मान्यता?
राखी की तीन गांठों को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. कई परंपराओं में इन्हें ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेव से जोड़ा जाता है. वहीं, कुछ मान्यताओं में तीन गांठों को भाई के सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और रक्षा की कामना का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि रक्षा बंधन पर राखी बांधते समय तीन गांठ लगाने की परंपरा है.
क्या राखी में तीन गांठ लगाना जरूरी है?
नहीं, इसे अनिवार्य नियम नहीं माना जाता. राखी बांधने की परंपरा अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती है. इसलिए अगर आपके घर में एक या किसी दूसरी संख्या में गांठ लगाने की परंपरा है, तो उसे भी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जा सकता है. राखी की गांठों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और एक-दूसरे के प्रति शुभकामना की भावना मानी जाती है.
यह भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर भाई को तिलक कैसे लगाएं? जानें सही विधि, दिशा और धार्मिक मान्यता
राखी बांधते समय रखें इस बात का ध्यान
राखी भाई की कलाई पर न बहुत ढीली और न ही बहुत कसकर बांधें. गांठ लगाते समय भाई के सुखी और मंगलमय जीवन की कामना करें.
यह भी पढ़ें: रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, बहनों के लिए बड़ी राहत या दिक्कत, जानें क्या होता है सूतक काल
