Rakshabandhan 2025: इस रक्षाबंधन पर बांधें वैदिक राखी, दूर होंगी जीवन की परेशानियां

Rakshabandhan 2025: रक्षाबंधन 2025 पर बहनें अपने भाइयों को वैदिक राखी बांधकर उनके जीवन में सुख, समृद्धि और लंबी आयु की कामना कर सकती हैं. मान्यता है कि वैदिक राखी बंधवाने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो जाता है.

Rakshabandhan 2025: रक्षाबंधन पर बहनें वैदिक राखी का प्रयोग करके भाई की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना कर सकती हैं. वैदिक राखी को घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए पांच वस्तुओं — दूर्वा (घास), अक्षत (चावल), केसर, चंदन और सरसों के दाने — की आवश्यकता होती है. इन सभी को पीले रेशमी कपड़े में बांधकर कलावा में पिरोया जाता है, जिससे वैदिक राखी बनती है. दूर्वा का प्रयोग गणेशजी को प्रिय माना जाता है और यह भाई के जीवन में आने वाले विघ्नों को दूर करता है. वैदिक रीति से तैयार रक्षा सूत्र का महत्व और शक्ति साधारण राखी की तुलना में कहीं अधिक होती है. झूसी स्थित श्री स्वामी नरोत्तमानन्द गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य व सामवेदाचार्य ब्रजमोहन पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व वैदिक विधि विधान से मनाना श्रेष्ठ माना गया है.

  • वैदिक राखी में दूर्वा (घास) भाई के जीवन में आने वाले विघ्नों को करेगी दूर
  • इस बार रक्षाबंधन पर बहनें भाई को पूरे दिन बांध सकेंगी राखी, भद्रा व पंचक की बाधा नहीं आएगी

वैदिक राखी यानी रक्षा सूत्र भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। यह सिर्फ धागा नहीं, बल्कि भावनाओं और संकल्पों का सुरक्षा कवच है। यह भाई को लंबी उम्र, साहस और पराक्रम प्रदान करता है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है. वैदिक राखी बांधते समय, “येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” मंत्र का जाप किया जाता है। इसका अर्थ है कि जिस रक्षासूत्र ने महाशक्तिशाली असुरराज बलि को वचन में बांध दिया, वही रक्षासूत्र मैं आपको बांधती हूं. आपकी रक्षा हो. यह धागा टूटे नहीं और आपकी शक्तियों में वृद्धि हो। यही संकल्प बहन भाई को राखी बांधते समय करें.

इस रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाई को पूरे दिन राखी बांध सकेंगी। आचार्य ब्रजमोहन पांडेय के अनुसार भद्रा का उदय सावन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी आठ अगस्त को 1:41 बजे से होगा जो कि रात 1:32 बजे तक रहेगा। जबकि पूर्णिमा तिथि आठ अगस्त को दिन में 1:42 से अगले दिन नौ अगस्त को दिन में 1:23 बजे तक रहेगी. ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व उदया तिथि यानी नौ अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा. वहीं, पंचक भी रक्षाबंधन में बाधा उत्पन्न नहीं कर सकेगा क्योंकि किसी भी मुहूर्त में पंचक का कोई प्रभाव नहीं है. कई वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग बना है जब रक्षाबंधन और श्रावणी उपाकर्म के दिन भद्रा और पंचक का प्रभाव नहीं रहेगा. आचार्य ब्रजमोहन पाण्डेय ने बताया कि मकर राशि के स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं. 29 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि रक्षाबंधन पर शनि मीन और सूर्य कर्क राशि पर रहेंगे. इस पर्व पर आयुष्मान, स्थिर, सौभाग्य, बुधादित्य, हर्ष विपरीत राज, शकट, पाराशरी राज, विमल विपरीत राज और धन योग बन रहे हैं जो काफी फलदायी हैं.

वैदिक राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5.29 से 6.05 बजे तक,
  • सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 6.06 से 8:20 बजे तक,
  • विजय मुहूर्त सुबह 10:47 से मध्याह्न 11:58 बजे तक,
  • अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न 11.59 से दोपहर 12.53 बजे तक रहेगा

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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