Adhik Maas 2026 Daan: अधिक मास शुरू हो चुका है. इसे पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू धर्म में इस महीने को बेहद पवित्र माना गया है. मान्यता है कि इस दौरान पूजा-पाठ, व्रत, उपवास और दान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. जरूरतमंद लोगों को धन, अन्न और वस्त्र दान करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ पुरुषोत्तम मास में पूजा और दान करता है, उसे पूरे परिवार सहित शुभ फल प्राप्त होते हैं. पंडित पुरनेंदु पाठक बताते हैं कि मान्यता के अनुसार इस महीने राशि के अनुसार दान करने से कुंडली में मौजूद ग्रह दोष भी शांत हो सकते हैं.
मेष, वृश्चिक और सिंह राशि
मंगल और सूर्य से जुड़ी इन राशियों के जातकों को घी, गुड़, मसूर की दाल, तांबा, गेहूं, लाल वस्त्र और केसर का दान करना शुभ माना गया है. केले और अनार का दान भी लाभकारी रहेगा.
वृषभ, तुला, मिथुन और कन्या राशि
शुक्र और बुध ग्रह की राशियों के लिए सफेद वस्त्र, चीनी, चावल, मावा, इत्र, हरी मूंग दाल, कांसे के बर्तन और हरे वस्त्र का दान शुभ फल देगा. पन्ना, चांदी और साड़ी दान करना भी लाभकारी माना गया है.
कर्क, धनु और मीन राशि
चंद्र और गुरु ग्रह से जुड़ी राशियों के लोगों को दूध, दही, घी, चावल, पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल और धार्मिक पुस्तकों का दान करना चाहिए. केले और शक्कर का दान भी शुभ माना गया है.
मकर और कुंभ राशि
शनि ग्रह की राशियों के लिए तिल, तेल, काले वस्त्र, कंबल और लोहे की वस्तुओं का दान विशेष फलदायी रहेगा. जरूरतमंद लोगों की सेवा करने से भी शुभ परिणाम मिलेंगे.
दान करते समय रखें ये सावधानियां
अधिक मास में अपनी क्षमता के अनुसार ही दान करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार रात के समय दान करने से बचना चाहिए. हालांकि यज्ञ, विवाह, संक्रांति और ग्रहण के समय रात में भी दान किया जा सकता है.
