राहु-चंद्र की युति बनती है वैवाहिक कलह का कारण, जानें कुंडली में गृह क्लेश के संकेत

Astrology: कुंडली में जब चंद्रमा राहु के साथ पांचवें या आठवें भाव में हो, तो यह 'कलह योग' बनाकर दांपत्य और पारिवारिक जीवन में अशांति पैदा करते हैं. चंद्रमा के साथ शनि, मंगल या राहु की युति जातक की निर्णय क्षमता कमजोर कर घर में लगातार विवादों का कारण बनती है.

Astrology: हर कोई चाहता है कि उसका जीवनसाथी अच्छा हो और घर में सुकून रहे. एक सही पार्टनर मिल जाए तो इंसान बड़ी से बड़ी मुश्किल हंसते-हंसते काट लेता है, जब घर का माहौल खराब होता है, तो सिर्फ मन ही नहीं दुखी होता, बल्कि ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियां भी घेरने लगती हैं. कभी-कभी तो बात इतनी बिगड़ जाती है कि नौबत तलाक या जमीन-जायदाद के बंटवारे तक पहुंच जाती है. असल में इन झगड़ों के पीछे अक्सर हमारी कुंडली में बैठे ग्रहों की चाल छिपी होती है.

Astrology: कुंडली में कैसे बनता है कलह योग

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि अशांति का सबसे बड़ा कारण चंद्रमा की स्थिति होती है. अगर आपकी कुंडली के पांचवें या आठवें भाव में चंद्रमा के साथ राहु बैठा है, तो समझ लीजिए कि ‘कलह योग’ बन रहा है. इस स्थिति में व्यक्ति चाहकर भी घर में शांति नहीं रख पाता है. अगर चंद्रमा के साथ शनि, मंगल और राहु तीनों एक साथ आ जाएं, तो क्लेश बहुत ही ज्यादा होता है. ग्रहों का मेल स्वभाव को पूरी तरह से बदल देता है, जैसे चंद्रमा के साथ शनि-मंगल हो तो व्यक्ति ज्ञानी होता है, लेकिन चंद्रमा के साथ शनि-राहु हों तो इंसान उदास रहने लगता है और उसमें फैसले लेने की ताकत नहीं बचती, जिससे परिवार में रोज नए विवाद खड़े होते हैं.

वैवाहिक अशांति का कारण

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: के अनुसार कुंडली में मौजदू ग्रहों की स्थिति ही तय करती हैं कि आपके रिश्तों में कड़वाहट रहेगी या मिठास. चाहे पति-पत्नी का झगड़ा हो या सास-बहू और भाई-भाई की अनबन. इन सबके पीछे ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव ही होता है. अगर कुंडली में चंद्रमा पाप ग्रहों से घिरा है, तो वह पूरे परिवार की शांति भंग करेगा. क्योंकि चंद्रमा पर राहु और शनि जैसे पाप ग्रहों का प्रभाव ही जीवन में कलह का मुख्य आधार बनता है.

गृह-क्लेश दूर करने के 5 प्रभावी ज्योतिषीय उपाय

चंद्रमा को मजबूत करें

घर में मानसिक शांति के लिए सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध या गंगाजल अर्पित करें.

राहु की शांति के लिए दान

राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें या शनिवार के दिन काले तिल और जौ का दान करें.

शनि-मंगल युति का उपाय

कुंडली में शनि-मंगल दोष है, तो मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और चमेली के तेल का दीपक जलाएं.

सफेद वस्तुओं का प्रयोग

मन को शांत रखने और निर्णय क्षमता बढ़ाने के लिए सफेद चंदन का तिलक लगाएं या चांदी के गिलास में पानी पिएं.

गृह शुद्धि

घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने के लिए रोजाना शाम को कपूर जलाएं और सेंधा नमक मिले हुए पानी से घर में पोंछा लगाएं.

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581

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लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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