Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है? जानें इसकी पौराणिक कथा और महत्व

Pradosh Vrat: भगवान शिव के भक्तों के लिए प्रदोष व्रत का दिन बेहद खास होता है. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और उनकी उपासना करते हैं. आज हम एक पौराणिक कथा के माध्यम से जानेंगे कि यह व्रत क्यों किया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई.

Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक विशेष पर्व है. यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से भक्त को रोग-कष्ट और दुख-दर्द से मुक्ति मिलती है. साथ ही वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता आती है. ऐसे में प्रदोष व्रत से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें से एक कथा के बारे में हम इस लेख में बात करेंगे.

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, चंद्रदेव का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं (नक्षत्रों) से हुआ था. इन सभी में चंद्रदेव को रोहिणी सबसे अधिक प्रिय थीं. चंद्रदेव का रोहिणी के प्रति अधिक प्रेम देखकर अन्य कन्याएं दुखी हो गईं और उन्होंने अपने पिता दक्ष से इसकी शिकायत की.

दक्ष प्रजापति का श्राप

दक्ष प्रजापति स्वभाव से क्रोधी थे. उन्होंने क्रोध में आकर चंद्रदेव को श्राप दे दिया कि वे क्षय रोग से पीड़ित हो जाएंगे. श्राप के प्रभाव से चंद्रदेव धीरे-धीरे रोगग्रस्त होने लगे और उनकी कलाएं क्षीण होती चली गईं. उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई.

चंद्रदेव ने की भगवान शिव की पूजा

तब नारद मुनि ने चंद्रदेव को भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी. चंद्रदेव ने पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा की. जब चंद्रदेव लगभग मृत्यु की अवस्था में पहुंच गए, तब प्रदोष काल में भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें पुनर्जीवन का वरदान दिया. भगवान शिव ने चंद्रदेव को अपने मस्तक पर धारण कर लिया. इस प्रकार चंद्रदेव मृत्यु के समीप पहुंचकर भी मृत्यु से बच गए. बाद में वे धीरे-धीरे स्वस्थ हुए और पूर्णिमा के दिन पूर्ण चंद्र के रूप में प्रकट हुए.

चूंकि भगवान शिव प्रदोष काल के समय चंद्रदेव के सामने प्रकट हुए और उनके रोग (दोष) का निवारण किया था, इसलिए इस व्रत को प्रदोष व्रत कहा जाता है.

यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत कब है? जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >