Pithori Amavasya: आज 10 सितंबर, गुरुवार को पिठोरी अमावस्या मनाई जा रही है. इसे कुशग्रहणी और कुशोत्पाटिनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन स्नान, दान और पितरों का तर्पण करने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है. वहीं, माताएं संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए पिठोरी व्रत रखती हैं और 64 योगिनियों की पूजा करती हैं. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, अमावस्या के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. छोटी-सी गलती से पूजा और तर्पण का फल कम हो सकता है.
पिठोरी अमावस्या के दिन क्या न करें?
तामसिक चीजों से बचें: इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मछली, अंडा और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन सात्विक भोजन करना बेहतर माना जाता है.
घर में झगड़ा न करें: अमावस्या के दिन घर में लड़ाई-झगड़े और कटु शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए. मान्यता है कि इससे पितर नाराज हो सकते हैं.
किसी का अपमान न करें: इस दिन घर के बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद किसी का अपमान करने से बचना चाहिए. ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है.
तुलसी के पत्ते न तोड़ें: धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ नहीं माना जाता है. पूजा के लिए तुलसी के पत्ते चाहिए हों, तो उन्हें एक दिन पहले तोड़कर रख लें.
पिठोरी अमावस्या पर क्या करें?
स्नान: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. अगर संभव हो, तो नदी में स्नान करें. ऐसा संभव न हो, तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं.
पशु-पक्षियों को भोजन दें: इस दिन पशु-पक्षियों को भोजन कराना शुभ माना जाता है. गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों को भोजन-पानी दें. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
दान करें: अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, कपड़े, काले तिल या गुड़ का दान करें.
कुश घर लाएं: धार्मिक और पितृ कार्यों में इस्तेमाल के लिए इस दिन कुश घास उखाड़कर घर लाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि सालभर होने वाले धार्मिक कार्यों में इसका उपयोग किया जा सकता है.
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