Makar Sankranti 2026: सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में संक्रमण ही मकर संक्रांति कहलाता है. इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिससे पृथ्वी पर दिन की अवधि बढ़ती है और सर्दियों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है. भारतीय सनातन संस्कृति में यह पर्व नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्साह का प्रतीक माना जाता है.
मकर संक्रांति 2026 की तिथि और समय
इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी 2026, गुरुवार (माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी) को पड़ रही है. ज्योतिषाचार्य कृष्ण गोपाल मिश्र के अनुसार, सूर्य 14 जनवरी की रात 9:39 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे. परंपरागत धर्मशास्त्रों के अनुसार यदि संक्रांति प्रदोष के समय या उसके बाद होती है, तो पुण्यकाल अगले दिन माना जाता है. इस वर्ष स्नान और दान का शुभ समय सूर्योदय से दोपहर 1:39 बजे तक है.
स्नान और दान का महत्व
मकर संक्रांति पर स्नान और दान का विशेष पुण्य माना जाता है. इस दिन तिल, घृत, गुड़ और ऊनी वस्त्र दान करने से न केवल पाप कम होते हैं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है. यह समय आत्मशुद्धि और सामाजिक कल्याण का प्रतीक है.
इस बार मकर संक्रांति की खास बातें
इस वर्ष मकर संक्रांति माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी को पड़ रही है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के शरीर से तिल की उत्पत्ति हुई थी. इसलिए तिल का सेवन और दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है. साथ ही, सूर्य की पूजा और उत्तरायण के अवसर पर स्नान करने से स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती है.
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कैसे बढ़ाएं शुभ प्रभाव
- दान करें: तिल, घृत, गुड़ और ऊनी वस्त्र का दान करें.
- स्नान करें: सूर्योदय से दोपहर 1:39 बजे तक पवित्र जल में स्नान करें.
- सूर्य पूजा: सूर्य देव की पूजा से सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में खुशहाली बढ़ती है.
15 जनवरी 2026 की मकर संक्रांति न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि सूर्य की ऊर्जा और उत्तरायण के सकारात्मक प्रभाव का उत्सव भी है. स्नान, दान और पूजा से आप अपने जीवन में स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं.
ज्योतिष कृष्ण गोपाल मिश्रा की राय
मकर संक्रांति 2026 कब है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
मकर संक्रांति 2026 15 जनवरी गुरुवार को है. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और उत्तरायण का शुभ आरंभ होगा, जिससे दिन लंबे होंगे और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी.
मकर संक्रांति पर कौन-कौन से उपाय शुभ माने जाते हैं?
इस दिन तिल, गुड़, घृत और ऊनी वस्त्र का दान, सूर्योदय के समय स्नान, और सूर्य पूजा करने से स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक लाभ बढ़ते हैं.
इस वर्ष मकर संक्रांति का खास महत्व क्या है?
2026 में मकर संक्रांति माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी को पड़ रही है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के शरीर से तिल की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए तिल का दान और सेवन विशेष पुण्यदायी है.
