मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने की परंपरा, श्रद्धालुओं के बीच चावल के साथ 14 और 15 को लेकर कंफ्यूजन, ज्योतिषाचार्य से जानें सबकुछ

Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व विधिपूर्वक मनाया जाएगा, लेकिन उस शाम 05 बजकर 52 मिनट बजे तक एकादशी तिथि रहेगी, इसलिए चावल या चावल से बनी खिचड़ी का दान और सेवन वर्जित रहेगा.

By Radheshyam Kushwaha | January 13, 2026 2:25 PM

Makar Sankranti 2026: माघ कृष्ण एकादशी तिथि का आरंभ 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट पर होगा और इस एकादशी तिथि का समापन 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा. वहीं, 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पर्व पूरे दिन मनाया जाएगा. क्योंकि 14 जनवरी को शाम 3 बजकर 13 मिनट पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. एकादशी व्रत और मकर संक्रांति को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति बन गयी है. सोशल मीडिया पर मकर संक्रांति और एकादशी व्रत से जुड़े लगातार किए जा रहे गलत पोस्ट श्रद्धालुओं के बीच असमंजस पैदा कर रही हैं. सोशल मीडिया पर कुछ ज्योतिषाचार्यों ने बता रहे है कि मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाना चाहिए तो वहीं कुछ पंडितों का कहना है कि मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाना चाहिए.

मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने की परंपरा

धर्म शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने और दान करने की परंपरा है, जबकि एकादशी के दिन चावल का सेवन और दान निषेध माना गया है. हालांकि सूर्यास्त के समय एकादशी तिथि समाप्त हो जाएगी, इसके बाद रात में खिचड़ी बनाकर सेवन किया जा सकता है. सनातन परंपरा में सभी शुभ तिथियां और व्रत त्योहार नियम और बाध्यता से मुक्त होते हैं, इसलिए पर्व-त्योहारों पर कोई भी शुभ कार्य या रीति-रिवाज निसंदेह पूरा किया जा सकता है. ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि 14 जनवरी को तिल, गुड़, गर्म कपड़े का दान करें, इस दिन चावल भूलकर भी नहीं खाएं. क्योंकि एकादशी पर चावल खाना निषेध है. दिन में खिचड़ी के स्थान पर तिल-गुड़ का सेवन करें और रात में खिचड़ी बनाकर खा सकते हैं.

तिल और गुड़ का दान

  • 14 जनवरी को तिल, गुड़, फल, दूध, घी, वस्त्र, कंबल या गर्म कपड़ों का दान करें.
  • चावल या सामान्य खिचड़ी का दान न करें.
  • तिल से बनी खिचड़ी का दान करें.
  • खिचड़ी का सेवन 15 जनवरी या एकादशी तिथि समाप्त होने के बाद करें.
  • एकादशी के दिन खिचड़ी के स्थान पर तिल-गुड़ का सेवन करना उत्तम रहेगा.

तिल और गुड़ का विशेष महत्व

  • तिल का दान पितृ दोष और ग्रह दोष को शांत करता है.
  • तिल-गुड़ का सेवन शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है.
  • तिल का दान करने पर जीवन में सौभाग्य समृद्धि आती हैं.
  • तिल का दान से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है.

मकर संक्रांति पर राशि अनुसार करें शुभ दान

मेष राशि- लाल मिर्च, लाल वस्त्र और मसूर दाल.
वृषभ राशि – सफेद तिल के लड्डू और चीनी.
मिथुन राशि- हरी सब्जियां, मौसमी फल और साबुत मूंग.
कर्क राशि- जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र और घी.
सिंह राशि- गुड़, चिक्की, शहद और मूंगफली का दान.
कन्या राशि- मूंग दाल की खिचड़ी बनाकर जरूरतमंदों को खिलाएं.
तुला राशि- सफेद वस्त्र, मखाना, चावल और चीनी.
वृश्चिक राशि- मूंगफली, गुड़ और लाल रंग के गर्म कपड़े.
धनु राशि- पीले वस्त्र, केले, बेसन और चने की दाल.
मकर राशि- काले तिल के लड्डू और कंबल.
कुंभ राशि- ऊनी कपड़े, सरसों तेल और जूते चप्पल.
मीन राशि- पीली सरसों, चने की दाल और मौसमी फल.

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