'जीओ और जीने दो' का मार्ग दिखा गये भगवान महावीर

Mahavir Jayanti 2026: जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में भगवान महावीर का विशेष स्थान है. उनके जन्मस्थान को लेकर वैशाली, लछुआर और कुंडलपुर तीन प्रमुख मान्यताएं प्रचलित हैं.

डॉ राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

Mahavir Jayanti 2026: सत्य, अहिंसा, ज्ञान और विश्व-बंधुत्व का संदेश देने वाला जैन धर्म भारत की सबसे प्राचीन परंपराओं में से एक है. इस धर्म की शुरुआत आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव से मानी जाती है और यह परंपरा भगवान महावीर स्वामी तक 24 तीर्थंकरों के माध्यम से आगे बढ़ी. जैन धर्म में तीर्थंकर वे महान पुरुष होते हैं, जो लोगों को जीवन के सच्चे मार्ग पर चलना सिखाते हैं और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति का रास्ता बताते हैं.

तीर्थंकरों की परंपरा और महावीर का महत्व

जैन परंपरा के अनुसार, हर कालचक्र में 24 तीर्थंकर जन्म लेते हैं. इनमें भगवान महावीर वर्तमान चौबीसी के अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं. उनके कई नाम प्रचलित हैं जैसे- वीर, वर्द्धमान, संत और अतिवीर. उन्होंने अपने जीवन से संयम, त्याग और आत्म-नियंत्रण का संदेश दिया, जो आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है.

भगवान महावीर के जन्मस्थान को लेकर तीन मान्यताएं

भगवान महावीर के जन्मस्थान को लेकर तीन प्रमुख स्थान माने जाते हैं—

1. वैशाली का कुण्डग्राम

कई विद्वानों के अनुसार, महावीर का जन्म वैशाली के पास कुण्डग्राम में हुआ था. यहां राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के घर उनका जन्म हुआ. वैशाली प्राचीन लिच्छवि गणराज्य की राजधानी भी थी.

2. जमुई का लछुआर (क्षत्रिय कुंड)

दूसरी मान्यता के अनुसार, बिहार के जमुई जिले का लछुआर क्षेत्र महावीर की जन्मभूमि है. यहां आज भी कई प्राचीन जैन मंदिर और अवशेष मौजूद हैं, जो इस स्थान की धार्मिक महत्ता को दर्शाते हैं.

3. नालंदा का कुंडलपुर

तीसरी मान्यता नालंदा के कुंडलपुर को लेकर है. यह स्थान नालंदा विश्वविद्यालय के पास स्थित है और यहां हर साल कुंडलपुर महोत्सव भी मनाया जाता है. कुछ परंपराओं में इसे ही महावीर का वास्तविक जन्मस्थान माना जाता है.

तीनों स्थानों का धार्मिक महत्व

इन तीनों स्थानों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं जरूर हैं, लेकिन तीनों ही जगहें श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं. इतिहासकारों के अनुसार, यह एक अनोखी बात है कि एक ही महापुरुष के जन्म से जुड़े तीन स्थान आज भी समान रूप से पूजनीय हैं.

महावीर के पंच महाव्रत

भगवान महावीर ने जीवन को सही दिशा देने के लिए पांच मुख्य सिद्धांत बताए—

  • अहिंसा – किसी भी जीव को कष्ट न देना
  • सत्य – हमेशा सच बोलना
  • अस्तेय – चोरी न करना
  • अपरिग्रह – जरूरत से ज्यादा संग्रह न करना
  • ब्रह्मचर्य – आत्म-संयम रखना

इन सिद्धांतों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सरल, पवित्र और संतुलित बना सकता है.

जैन धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है. भगवान महावीर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने हजारों साल पहले थे. उनके बताए रास्ते पर चलकर हम एक बेहतर और शांतिपूर्ण समाज बना सकते हैं.

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Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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