Mahavir Jayanti 2026 जैन धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पावन पर्व भगवान महावीर जयंती इस वर्ष 30 मार्च को मनाई जाएगी. भगवान महावीर, जो जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर और वर्तमान शासन नायक माने जाते हैं, उनके जन्मोत्सव को लेकर देशभर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इस दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान और शोभायात्राओं का आयोजन किया जाएगा.
तिथि को लेकर स्पष्टता, 30 मार्च ही मान्य
इस वर्ष चैत्र शुक्ल त्रयोदशी तिथि 30 मार्च को पड़ रही है. हालांकि कुछ कैलेंडरों में 31 मार्च का भी उल्लेख है, लेकिन जैन विद्वानों के अनुसार 30 मार्च को ही महावीर जयंती मनाना शास्त्रसम्मत और उचित है. इसलिए अधिकांश श्रद्धालु इसी दिन पर्व मनाएंगे.
सुबह अभिषेक और भव्य शोभायात्रा
महावीर जयंती के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची में विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है. प्रातः 5:30 बजे भगवान महावीर का अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद सुबह 7:30 बजे दिगंबर जैन मंदिर, अपर बाजार से भव्य शोभायात्रा निकलेगी. यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रातू रोड स्थित वासुपूज्य जिनालय पहुंचेगी, जहां शांतिधारा अभिषेक का आयोजन होगा. इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर में लौटेगी.
प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या
दोपहर 2:30 बजे से मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज का प्रवचन और शंका समाधान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसके साथ ही समाज की महिलाओं द्वारा दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी. शाम 6:00 बजे आरती और गुरु भक्ति के बाद भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे.
मुनिश्री प्रमाण सागर जी का 39वां दीक्षा दिवस
इसी दिन मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज का 39वां दीक्षा दिवस भी मनाया जाएगा, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ जाता है. वे संत शिरोमणि आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावशाली शिष्य हैं और जैन समाज में उनका विशेष स्थान है.
राजकीय अतिथि के रूप में होगा स्वागत
मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड की ओर विहार कर रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा दिया गया है. 22 मार्च को गुमला से राज्य में प्रवेश के बाद 27 मार्च को रांची पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ विहार करेंगे.
