महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग में क्या चढ़ाएं और क्या नहीं, जानें सही विधि

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा में सही वस्तुएं चढ़ाना बेहद जरूरी है. जानें शिव पूजा में क्या चढ़ाएं और किन चीजों से बचें, ताकि भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न हों.

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि इस साल 15 फरवरी को मनाई जाएगी. यह दिन भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद पावन और विशेष माना जाता है. हिंदू धर्म में इस दिन पूजा और व्रत का बहुत बड़ा महत्व है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

इस दिन कोई भी श्रद्धालु व्रत रख सकता है. खासतौर पर कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए पूरे श्रद्धा भाव से भगवान शिव की पूजा करती हैं. अगर आप भी महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजा करने जा रहे हैं, तो ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से जानते है कि शिवजी को क्या चढ़ाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए, ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके.

भगवान शिव की पूजा शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है. वे बहुत सरल और जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं. उनकी पूजा में कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से विशेष फल मिलता है.

शिवलिंग में क्या चढ़ाएं?

चढ़ाने की वस्तुधार्मिक मान्यता / लाभ
जलभगवान शिव स्वयं जल स्वरूप हैं. जल चढ़ाने से मन शांत होता है और तनाव दूर होता है.
दूधशुद्धता का प्रतीक है. दूध से अभिषेक करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं.
दहीजीवन में स्थिरता, शांति और संतुलन लाता है.
शहदजीवन में मधुरता और प्रेम बढ़ाता है.
घीशरीर और मन को बल प्रदान करता है.
चंदनशीतलता और मानसिक शांति देता है.
भस्मनकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और वैराग्य का प्रतीक है.
बेलपत्रभगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, इसे चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
धतूराशिवजी को प्रिय है, शीघ्र कृपा प्राप्त होती है.
भांगशिव पूजा में विशेष रूप से अर्पित की जाती है.
सफेद फूल / आंकड़े के फूलशिवजी का प्रिय आभूषण, आध्यात्मिक शक्ति देता है.
अक्षत (साबुत चावल)धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं.
रुद्राक्षशिवजी का प्रिय आभूषण, आध्यात्मिक शक्ति देता है.

शिवलिंग में क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?

न चढ़ाने की वस्तुकारण / मान्यता
तुलसीतुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है, इसलिए शिवलिंग पर नहीं चढ़ाई जाती.
हल्दीस्त्री पूजा से जुड़ी मानी जाती है, शिव पूजा में वर्जित है.
कुमकुमसुहाग और स्त्री श्रृंगार का प्रतीक है.
सिंदूरशिवलिंग पर सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता.
नारियल पानीयह भगवान विष्णु को अर्पित किया जाता है.
केतकी का फूलधार्मिक मान्यता के अनुसार शिवजी को अर्पित करना वर्जित है.
टूटे हुए चावलशिवलिंग पर हमेशा साबुत अक्षत ही चढ़ाने चाहिए.
कनेर का फूलशिव पूजा में इसका प्रयोग नहीं किया जाता.
लाल रंग के फूलभगवान शिव को लाल फूल पसंद नहीं हैं.
कांटेदार पुष्पकांटेदार फूलों से शिवलिंग पूजा नहीं करनी चाहिए.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभव
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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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