आज महाकुंभ में स्‍नान का आखिरी मौका, जानें किस समय तक लगा सकते हैं गंगा की गोद में डुबकी

Maha Kumbh 2025 Last Snan: दुनिया के सबसे विशाल धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेले का आज समापन दिवस है. महाशिवरात्रि के अवसर पर अंतिम स्नान के लिए आधी रात से ही भक्तों की भीड़ संगम पर आ रही है.

Maha Kumbh 2025 Last Snan: आज (26 फरवरी) महाशिवरात्रि के अवसर पर 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ का समापन आखिरी स्नान के साथ होगा. इस बार महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया है. प्रयागराज शहर में 25 फरवरी की शाम से वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गई है. मेले के क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है. रात से ही संगम की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी भीड़ देखी जा रही है. स्नान के बाद घाटों को तुरंत खाली कराया जा रहा है ताकि भीड़ न बढ़े.

महाशिवरात्रि पर बन रहा है विशेष संयोग

इस बार महाशिवरात्रि पर ग्रहों और नक्षत्रों का एक अनोखा संयोग बन रहा है. यह मान्यता है कि इस अवसर पर संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है. ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से भी मुक्ति प्राप्त होती है. इसके अतिरिक्त, यह भी माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर कुंभ स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और कुंडली से पितृदोष भी समाप्त होता है.

आज महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें शिवजी की पूजा

महाकुंभ में अंतिम स्नान के लिए शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त स्नान – प्रातः 05:10 से 06:00 बजे तक
  • अमृत काल – 07:28 से 09:00 बजे तक
  • संध्या मुहूर्त – सुबह 05:34 से 06:49 बजे तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02:29 से 03:15 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त – संध्या 06:17 से 06:42 बजे तक
  • शाम का मुहूर्त – 06:19 से 07:34 बजे तक

महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों पर भीड़ के आंकड़े

महाकुंभ के आरंभ से ही निरंतर जनसमूह की उपस्थिति देखी जा रही है. 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान पर 1.70 करोड़, 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर 3.50 करोड़, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर 7.64 करोड़, 3 फरवरी को बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़, और 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा पर 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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