Magh Purnima 2026: वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी, दिन रविवार को मनाई जाएगी. सनातन धर्म में माघ पूर्णिमा के दिन दान करना अत्यंत लाभकारी और फलदायी माना गया है. यह पावन तिथि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है. इस दिन विधि विधान से उनका पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं, पिछले एक दशक से भी अधिक समय से कार्यरत ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से धन लाभ का विशेष उपाय, माघ पूर्णिमा का महत्व और पारण के समय.
माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और पारण के समय
माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत- 1 फरवरी सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर
पूजा का शुभ मुहर्त- 1 फरवरी प्रात: 5 बजकर 24 मिनट से प्रात: 6 बजकर 32 मिनट तक होगा.
पूर्णिमा तिथि समापन- 2 फरवरी को सुबह 3 बजकर 46 मिनट पर
व्रत का पारण- 2 फरवरी की सुबह 6 बजकर 33 मिनट से सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक कर सकते है.
उदयातिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को ही मान्य रहेगी.
धन लाभ के लिए करें ये उपाय
पीले कपड़े में हल्दी की 7 गांठें बांधकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें
पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को पीले कपड़े में हल्दी की 7 गांठें बांधकर अर्पित करें. कुछ समय बाद इस पोटली को तिजोरी में रख दें. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस उपाय से धन की कमी दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाएं
माघ पूर्णिमा की शाम को तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाएं. फिर तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, जिससे धन लाभ के योग बनते है.
माघ पूर्णिमा के दिन सूर्य देव को अर्घ्य दें
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद एक लोटे में जल, लाल चंदन और लाल फूल डालकर सूर्य देव को विधिपूर्वक अर्घ्य दें. इसके बाद ॐ सूर्याय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और साधक को कारोबार व नौकरी में सफलता मिलती है.
माघ पूर्णिमा के दिन बन रहें है ये दुर्लभ संयोग
पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, पुष्य नक्षत्र, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. इस बार पूर्णिमा के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है. इन योगों में किए गए दान अच्छे फल देते हैं. इस योग पर तिल, अन्न, वस्त्र और कंबल का दान करना अत्यंत शुभ और लाभकारी होता है.
माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
माघ पूर्णिमा माघ मास का अंतिम दिन होता है, इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने का विशेष महत्व है. इस दिन लोग उपवास रखते हैं और सत्यनारायण भगवान की कथा सुनते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से पूर्व में किए पापों से मुक्ति मिलती है. इसके साथ ही इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन स्वयं देवी-देवता भी गंगा स्नान के लिए धरती पर आते हैं, इसलिए माघ पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है.
ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581
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