Dabarsaini Pahad Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में स्थित मां डबरसैनी पहाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है. बिरनी प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर पूर्व दिशा में कोडरमा–गिरिडीह और रांची–देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित यह स्थान सैलानियों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. सुरक्षित और मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण यहां आम लोगों की पहुंच भी काफी आसान है.
पहाड़ की ऊंची चोटी पर स्थित मां डबरसैनी देवी, भगवान शिव और पार्वती के मंदिर तथा आसपास की मनोरम वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं. इसके साथ ही यहां के प्राकृतिक वातावरण में उड़ते और अठखेलियां करते भारतीय पक्षी इस स्थान की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं.
मन्नतें होती हैं पूरी
मां डबरसैनी पहाड़ धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां भोक्ता द्वारा विशेष पूजा की जाती है. भोक्ता वे शिव भक्त होते हैं, जो अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कठिन तपस्या और पूजा-अर्चना करते हैं. कई श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हुए व्रत और साधना का पालन करते हैं.
स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है. खासकर सोमवार के दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. इस दिन मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है.
चारों ओर फैली हरियाली और मनमोहक वादियां
डबरसैनी पहाड़ के चारों ओर फैली हरी-भरी वादियां और प्राकृतिक दृश्य इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ के उत्तर दिशा में मरकोडीह का घनी आबादी वाला गांव स्थित है, जबकि दक्षिण दिशा में पहाड़ की तलहटी में एक बड़ा तालाब और लहलहाती फसलें दिखाई देती हैं. वहीं पूरब और पश्चिम दिशा में बरोटांड़ और सिमराढाब बरहमसिया जैसे गांव बसे हुए हैं, जो इस क्षेत्र की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं.
पहाड़ की चोटी पर एक छोर पर भगवान शिव का मंदिर है, जबकि दूसरे छोर पर खुले आसमान के नीचे मां डबरसैनी देवी का स्थान है. यहां पहुंचकर श्रद्धालु और पर्यटक दोनों ही आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक आनंद का अनुभव करते हैं.
पिकनिक के लिए भी लोकप्रिय स्थल
डबरसैनी पहाड़ केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट भी है. हर साल पहली जनवरी को यहां सैकड़ों पिकनिक प्रेमी परिवार और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने के लिए पहुंचते हैं. गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा के अलावा आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों से लोग यहां घूमने आते हैं.
पहाड़ की ऊंची चोटी पर चढ़कर दूर-दूर तक फैले प्राकृतिक दृश्य को देखना सैलानियों के लिए बेहद रोमांचक अनुभव होता है.
ऐसे पहुंच सकते हैं यहां
यह पिकनिक और धार्मिक स्थल सरिया–हजारीबाग रेलवे स्टेशन से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. रेलवे स्टेशन से उतरकर बस या ऑटो के माध्यम से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है. मुख्य मार्ग से सैलानियों को केवल 5 से 10 मिनट पैदल चलकर पहाड़ तक पहुंचना होता है.
हालांकि, इतनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व होने के बावजूद प्रशासनिक उपेक्षा के कारण इसे अब तक पर्यटन और तीर्थ स्थल का दर्जा नहीं मिल पाया है. अगर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति हो सकती है.
