Love Marriage Astrology: शादी को लेकर हर व्यक्ति के मन में कई सवाल होते हैं. विवाह प्रेम विवाह होगा या परिवार की पसंद से अरेंज मैरिज, इसकी जिज्ञासा अक्सर लोगों को रहती है. ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र में कुछ विशेष योग और संकेतों को विवाह के स्वरूप से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि ये पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए.
हस्तरेखा में मिलते हैं कुछ संकेत
हस्तरेखा शास्त्र की मान्यता के अनुसार दोनों हाथों की हृदय रेखा में द्वीप चिह्न और शुक्र रेखा का स्वास्थ्य रेखा को काटकर ऊपर की ओर जाना व्यक्ति के प्रेम संबंधों से जोड़ा जाता है. इसी तरह अंगुलियों के दूसरे या तीसरे पर्व में यव चिह्न होने पर व्यक्ति के भोग-विलास और आकर्षण की ओर अधिक झुकाव की बात कही जाती है.
हृदय रेखा से प्रेम संबंध का संकेत
मान्यता है कि यदि दोनों हाथों की हृदय रेखा बुध क्षेत्र तक पहुंचती है, तो व्यक्ति के प्रेम संबंधों की संभावना अधिक हो सकती है. कुछ हस्तरेखा परंपराओं में इसे करीबी परिचित या संबंधी वर्ग में प्रेम संबंध बनने के संकेत के रूप में भी देखा जाता है.
अंक ज्योतिष में प्रेम विवाह का योग
अंक ज्योतिष के अनुसार अंक 5 को बुध से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि यदि मूलांक 5 का संबंध 2, 7 या 11 जैसे अंकों से बनता है, तो प्रेम विवाह की संभावना देखी जाती है. ऐसे योगों को विवाह के स्वरूप का एक संकेत माना जाता है, लेकिन केवल अंक के आधार पर निर्णय नहीं किया जाता.
कुंडली में चंद्रमा और सप्तम भाव
जन्मकुंडली में सप्तम भाव विवाह और दांपत्य जीवन से संबंधित माना जाता है. यदि चंद्रमा और सप्तम भाव के स्वामी के बीच दृष्टि संबंध बनता है, तो ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे प्रेम विवाह की संभावना से जोड़ा जाता है. विवाह का निष्कर्ष निकालने के लिए पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी माना जाता है.
