Last Ekadashi of 2025: एकादशी का पावन पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन साधक सात्विक नियमों का पालन करते हुए भगवान नारायण की आराधना करते हैं और व्रत रखते हैं. माना जाता है कि इस व्रत को करने से मानसिक तनाव दूर होता है, जीवन में शांति आती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. एक वर्ष में कुल 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं, यानी हर महीने दो एकादशी मनाई जाती हैं.
साल 2025 की आखिरी एकादशी कब मनाई जाएगी?
इस वर्ष की आखिरी एकादशी 30 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी. इसके अगले दिन यानी 31 दिसंबर 2025 को व्रत का पारण किया जाएगा.
पारण का शुभ मुहूर्त
31 दिसंबर 2025 को एकादशी व्रत का पारण दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से लेकर 3 बजकर 31 मिनट के बीच किया जाएगा.
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए करें मंत्रों का जाप
1)ॐ विष्णवे नमः
2)ॐ हूं विष्णवे नमः
3)ॐ नमो नारायण. श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि.
4)ॐ नारायणाय विद्महे
5)वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्.
6)ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः.शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
7)विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्.
8)लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
9)वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
10)श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
11)हे नाथ नारायण वासुदेवाय॥
एकादशी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि जो साधक सच्चे मन से एकादशी का व्रत करता है, उसके सभी पापों का नाश होता है. इससे जीवन में सुख-शांति आती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
