Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है. इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसीलिए इसे ‘अक्षय’ कहा जाता है. साल 2026 में 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां लक्ष्मी का आगमन वहीं होता है जहां स्वच्छता और सकारात्मक ऊर्जा होती है. यदि आप भी चाहते हैं कि इस अक्षय तृतीया पर आपके घर में सुख-समृद्धि का वास हो, तो त्योहार से पहले ज्योतिषाचार्य संजीत मिश्रा द्वारा बताए गए इन वास्तु उपायों को एक बार जरूर अपनाएं.
वास्तु उपाय
वास्तु के अनुसार, अक्षय तृतीया से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करना अनिवार्य है. ऐसी चीजें जो घर में दरिद्रता लाती हैं, उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए:
टूटी झाड़ू
टूटी हुई झाड़ू को वास्तु शास्त्र में दरिद्रता का प्रतीक माना गया है. जबकि अक्षय तृतीया शुभता, अक्षय फल और सफलता का प्रतीक है. कहा जाता है कि इस दिन घर में कोई भी ऐसी वस्तु नहीं रखनी चाहिए जो अशुभता और दरिद्रता को आकर्षित करे. इसलिए यदि आपके घर में टूटी हुई झाड़ू है, तो उसे तुरंत बदल दें.
बंद घड़ियां
रुकी हुई घड़ी तरक्की में बाधा डालती है. इसे या तो ठीक कराएं या घर से हटा दें. अक्षय तृतीया शुभ कार्यों की शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है, इसलिए इस समय घर में ऐसी कोई भी चीज नहीं रखनी चाहिए जो सफलता में रुकावट पैदा करे.
टूटे बर्तन या शीशा
किचन में टूटे बर्तन या घर में चटका हुआ शीशा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है. इसलिए जरूरी है कि अक्षय तृतीया के पावन दिन से पहले इन्हें घर से बाहर कर दिया जाए.
टूटी मूर्तियां
यदि आपके घर में देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां रखी हैं, तो उन्हें अक्षय तृतीया से पहले हटा दें. घर में टूटी मूर्तियां रखना अशुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और नकारात्मकता बढ़ती है.
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