मार्च होने वाली है खरमास की शुरुआत, क्या करें और क्या न करें

kharmas 2025 start date end date: हिंदू ध��्म के अनुसार, खरमास एक विशिष्ट समयावधि होती है, जिसमें किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों का आयोजन नहीं किया जाता है. यह अवधि लगभग एक महीने तक चलती है और इसे अशुभ माना जाता है. इस समय के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं. आइए जानते हैं कि मार्च 2025 में खरमास कब प्रारंभ होगा.

Kharmas march 2025: हिंदू धर्म में वर्षभर कुछ विशेष समय होते हैं, जब शुभ कार्यों को करने से मना किया जाता है. खरमास भी ऐसा ही एक समय है, जो तब आरंभ होता है जब सूर्य देव धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं. इस अवधि में गुरु ग्रह की प्रभावशाली ऊर्जा सूर्य की तीव्रता के कारण समाप्त हो जाती है, जिससे विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. हालांकि, यह समय धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

यदि आप विवाह, गृह प्रवेश, या कोई नया कार्य आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो खरमास के समय का ध्यान रखना आवश्यक है. आइए जानते हैं मार्च 2025 में खरमास कब से प्रारंभ होगा, कब समाप्त होगा और इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

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मार्च 2025 में कब से शुरू होगा खरमास?

  • खरमास 14 मार्च 2025 से शुरू होगा, जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा.
  • इस दिन से विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, व्यापार शुरू करने जैसे सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी

खरमास कब खत्म होगा?

  • 14 अप्रैल 2025 को खरमास समाप्त होगा, जब सूर्य मीन से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा.
  • इस दिन के बाद सभी शुभ कार्य फिर से शुरू किए जा सकते हैं, क्योंकि सूर्य का मेष राशि में प्रवेश बेहद शुभ माना जाता है.

खरमास के दौरान क्या न करें?

  • शादी और सगाई – इस दौरान विवाह और सगाई के कार्यक्रम नहीं किए जाते.
  • गृह प्रवेश – नया घर खरीदना या गृह प्रवेश करना शुभ नहीं माना जाता.
  • संस्कार और अनुष्ठान – मुंडन, उपनयन और अन्य धार्मिक संस्कार टाल दिए जाते हैं.
  • नया बिजनेस या नौकरी – इस समय नया व्यापार शुरू करना या नौकरी जॉइन करना टाल दिया जाता है.

खरमास के दौरान क्या करें?

  • सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा करें – मंत्र जाप और विशेष पूजा करने से शुभ फल मिलता है.
  • दान-पुण्य करें – गरीबों को भोजन, कपड़े और जरूरत का सामान दान करना शुभ माना जाता है
  • पवित्र नदियों में स्नान करें – गंगा स्नान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

खरमास भले ही शुभ कार्यों के लिए सही समय न हो, लेकिन यह आत्मशुद्धि, भक्ति और धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम समय होता है.इस दौरान सही उपाय अपनाकर ईश्वरीय कृपा और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
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लेखक के बारे में

By Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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