Holika Dahan 2026: होलिका दहन भारत में मनाया जाने वाला एक विशेष पर्व है. यह होली के पर्व से एक दिन पहले मनाया जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. हर वर्ष यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि होलिका की अग्नि वातावरण की नकारात्मकता और बुराइयों को जलाकर भस्म कर देती है तथा सकारात्मकता का संचार करती है.
होलिका दहन 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां
- होलिका दहन: 02 मार्च 2026, दिन सोमवार
- फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 02 मार्च 2026, सोमवार को सुबह 05 बजकर 19 मिनट पर
- फाल्गुन पूर्णिमा तिथि समाप्त: 03 मार्च 2026, मंगलवार को सुबह 04 बजकर 33 मिनट पर
- होलिका दहन मुहूर्त: 02 मार्च 2026, सोमवार को शाम 05 बजकर 52 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक
पूजन सामग्री की सूची (Samagri List)
- एक लोटा गंगाजल या शुद्ध जल
- कच्चा सूत (मोली)
- रोली और अक्षत
- पीली सरसों
- हल्दी की गांठ
- अगरबत्ती
- दीपक
- गोबर के कंडों (बड़कुल्ले) की माला
- बताशे
- गुड़
- फल
- गेहूं की नई बालियां
- नारियल
पूजन की सरल विधि (Puja Vidhi)
- होलिका दहन के दिन शाम के समय सार्वजनिक होलिका स्थल पर जाकर पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
- पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. इसके बाद भगवान विष्णु और भक्त प्रह्लाद का ध्यान करें तथा पूजा का संकल्प लें.
- फिर लकड़ी से बनाई गई होलिका के सामने जल अर्पित करें. इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, हल्दी की गांठ, मूंग की दाल, बताशे और कच्चा सूत अर्पित करें.
- होलिका के चारों ओर कच्चे सूत को लपेटते हुए 3, 5 या 7 बार परिक्रमा करें. इसके बाद नई फसल की बालियां और नारियल अग्नि में अर्पित करें.
- अंत में हाथ जोड़कर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना करें.
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